Chhattisgarh Road Safety Initiative : छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और उनमें जाने वाली जानों को बचाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र के साथ हाथ मिलाया है।
गुरुवार को रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यशाला के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस नई पहल का मुख्य मकसद वैज्ञानिक और डेटा-आधारित ‘हाइपरलोकल इंटरवेंशन’ तकनीक के जरिए दुर्घटनाओं पर नकेल कसना है। योजना के पहले चरण में राज्य के सबसे संवेदनशील 10 जिलों को चुना गया है, जहां ब्लैक स्पॉट की पहचान कर हादसों को रोकने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
एक्सीडेंट स्पॉट्स की निगरानी
सड़क सुरक्षा को हाई-टेक बनाने के लिए ‘संजय’ नाम के डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लिया जाएगा। रायपुर में हुई वर्कशॉप के दौरान पुलिस, पीडब्ल्यूडी, परिवहन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस सिस्टम की ट्रेनिंग दी गई। इस डिजिटल टूल की मदद से एक्सीडेंट वाली जगहों का सटीक डेटा मिलेगा, जिससे मौके पर जरूरी इंजीनियरिंग सुधार और सुरक्षा इंतजाम तुरंत किए जा सकेंगे।
सरकार का लक्ष्य
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का ध्यान सिर्फ आंकड़े कम करने पर नहीं, बल्कि एक ऐसा सेफ रोड नेटवर्क बनाने पर है जिससे हर नागरिक सुरक्षित घर लौट सके।
वहीं परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने बताया कि IIT मद्रास के तकनीकी सहयोग से राज्य का रोड सेफ्टी मैनेजमेंट काफी मजबूत होगा। वर्कशॉप में आरटीओ, डीटीओ और जिला सड़क सुरक्षा समिति के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।



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