नई दिल्ली : देश में एक वक्त वो था जब दो सौ से अधिक सर्कस हुआ करते थे। लेकिन बढ़ती महंगाई और जानवरों पर बढ़ते प्रतिबंध से महज दर्जनभर सर्कस ही बचे है। हालत यह है कि वर्ष 2018 में भी आधा दर्जन सर्कस बंद हो गए। सर्कस को बचाने के लिए रविवार को दिल्ली में तीनों प्रमुख दलों के नेता एक साथ आए। मौका था सीलमपुर के शास्त्री पार्क में ग्रेट जैमिनी सर्कस के उद्घाटन का। दशहरा से पहले ही रामलीला स्थल के पास ही ग्रेट जैमिनी सर्कस को आगे बढ़ाने के लिए तमाम लोगों ने बीड़ा उठाया है।
सर्कस से जुड़े मो. शमीम एवं प्रबंधक बीनू गुप्ता का कहना था कि अब लोगों के बीच सर्कस पुरानी बात बन कर रह गई है। अगर सर्कस को बचाया ना गया तो यह केवल किस्से-कहानियों में ही बचेगा। इसी कारण इस बार इलाके के प्रबुद्ध लोगों के साथ जोड़कर यहां सर्कस का आयोजन किया गया है। रविवार को इस सर्कस के उद्घाटन के मौके पर श्यामगिरी मंदिर के महंत रमनगिरी जी महाराज, आप पार्टी के विधायक इशराक खान, भाजपा पार्षद केके अग्रवाल एवं कांग्रेस के पूर्व सांसद जय प्रकाश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से इस सर्कस का उद्घाटन किया। इन सभी नेताओं का मानना था कि सर्कस को बचाया और बढ़ाया जाना चाहिए। इस सर्कस के प्रतिनिधि फकरुद्दीन ने बताया कि सर्कस चलाना अब घाटे का सौदा हो गया है। खर्च अधिक है और इनकम कम है।
कुछ विदेशी कलाकार भी सर्कस में है, जिन्हें पहले ही भुगतान करना पड़ता है। बीनू गुप्ता का कहना था कि जमीन तक के किराये के लिए बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। कम से कम सरकार को जमीन के किराये में कुछ रियायत देनी चाहिए। सर्कस को बचाने के लिए कदम उठाये जाने की जरूरत है। एशियाड सर्कस के मालिक रियाजुद्दीन ने बताया कि भारत में पहले दो सौ से अधिक सर्कस थे। अब महज दर्जनभर बचे हैं। इस साल 2018 में राजकमल, अमर, ओलंपिक, रॉयल, अपोलो, राजमहल व न्यू ग्रांड सर्कस घाटे के चलते बंद हो चुके है।
सपा-बसपा के गठबंधन पर योगी का तंज, कहा- कुछ लोग बन चुके हैं “सर्कस के शेर”
– सतेन्द्र त्रिपाठी


Download Android App
Download iOS App



