नई दिल्ली: केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा ‘आप’ के 20 विधायकों की याचिका रद्द करने और सुनवाई जारी रखने पर भाजपा ने ‘आप’ विधायकों का इस्तीफा मांगा है। भाजपा का कहना है कि केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों को विधायक बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इसलिए सभी तुरंत इस्तीफा दे। अपने सांसद आवास पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि चुनाव आयोग का जो फैसला आज सामने आया है, उससे हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग विधायकों की सदस्यता को लेकर भी जल्द फैसला देगा। तिवारी ने कहा कि यह मामला 14 माह से चल रहा है और ऐसा लग रहा है कि इसके फैसले में देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता पहले ही इन 21 में से एक विधायक जरनैल सिंह के किन्हीं राजनीतिक कारणों से इस्तीफे के बाद उनके चुनाव क्षेत्र राजौरी गार्डन से आम आदमी पार्टी को नकार चुकी है। यदि आज अगर 20 विधायकों की सदस्यता जाती है तो भाजपा सभी 20 सीटों पर विजयी होगी। भाजपा विधायक व प्रतिपक्ष के उप नेता ओम प्रकाश शर्मा व जगदीश प्रधान ने मांग की है कि दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव आयोग द्वारा विधायकों को दोषी पाये जाने के बाद स्वयं आगे आकर इन 20 विधायकों को इस्तीफा देने को कहें और राजनीतिक रेवडिय़ां बांटने के लिए दिल्ली की जनता से मांफी मांगे।


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