Ease of Doing Business will Get a New Impetus : दिल्ली में कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली सरकार का ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल-2026’ अंतिम रूप ले चुका है और अगले एक सप्ताह में इसे कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। इस विधेयक के जरिए कारोबार से जुड़े दूसरे चरण के 28 सुधारों में से 13 प्रमुख सुधारों को कानूनी आधार मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे लाइसेंस, एनओसी और अन्य सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
बधुवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा मंत्रियों आशीष सूद और मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ बैठक कर दिल्ली में नियमन सरलीकरण एवं अनुपालन में कमी (डीरिगुलेशन एवं कंप्लायंस रिडक्शन) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उपराज्यपाल ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को अनावश्यक नियमों एवं प्रक्रियाओं को शीघ्र समाप्त करने तथा अनुपालन व्यवस्था को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुधारों का उद्देश्य दिल्ली में उद्यमिता को बढ़ावा देना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और नागरिकों के लिए राजधानी को अधिक सुविधाजनक एवं रहने योग्य बनाना है। उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘व्यवसाय सुगमता’ और ‘जीवन सुगमता’ के विजन के अनुरूप सभी विभाग तय समयसीमा में सुधारों को लागू करें, ताकि लोगों और उद्योगों को सरकारी सेवाओं का लाभ सरल एवं त्वरित तरीके से मिल सके।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि पहले चरण के 23 प्राथमिकता क्षेत्रों में से 13 सुधार पूरी तरह लागू हो चुके हैं, जबकि चार नए श्रम कानून लागू होने के कारण अप्रासंगिक हो गए हैं। शेष सुधार नई मास्टर प्लान (एमपीडी-2041) और यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2026 की मंजूरी के बाद लागू किए जाएंगे। बैठक में यह भी बताया गया कि दिल्ली व्यवसाय सुगमता विधेयक-2026 का मसौदा अंतिम रूप ले चुका है और इसे एक सप्ताह के भीतर मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा सेवा का अधिकार अधिनियम में अपील के अधिकार से जुड़े विधेयकों का मसौदा भी तैयार हो चुका है, जिन्हें विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। उपराज्यपाल ने कहा कि इन सुधारों से उद्यमिता, रोजगार और दिल्ली में बेहतर नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।
दूसरे चरण में सुधारों ने पकड़ी रफ्तार
जनवरी 2026 में शुरू हुए दूसरे चरण में 23 प्राथमिक और पांच वैकल्पिक सुधार तय किए गए हैं। जून के मध्य तक केवल तीन सुधार लागू हुए थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर नौ हो गई है। इनमें एमसीडी की दोहरे व्यापार लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करना, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नियम सरल बनाना तथा बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया तेज करना शामिल है। 17 अन्य सुधार विभिन्न विभागों में लागू किए जा रहे हैं और लंबित मामलों की संख्या भी लगातार घट रही है।



Download Android App
Download iOS App




