Delhi Government : दिल्ली सरकार ने राजधानी की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को बताया कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की बैठक में 58 करोड़ रुपये की लागत से 250 ‘वॉटर एटीएम’ स्थापित करने की योजना को स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि इस योजना की शुरुआत सरकारी स्कूलों से की जाएगी, जिससे छात्रों और आम लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। जल मंत्री ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड ने लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत से 15 विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र (डीएसटीपी) स्थापित करने की परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना के पूरा होने पर राजधानी की कुल सीवेज उपचार क्षमता करीब 103.5 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) बढ़ जाएगी, जिससे गंदे पानी के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।
नजफगढ़ और दिल्ली गेट नालों में इन-सीटू अपशिष्ट जल उपचार परियोजना को मंजूरी
यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने नजफगढ़ और दिल्ली गेट नालों में इन-सीटू अपशिष्ट जल उपचार परियोजना को मंजूरी दी है। 65 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत नालों में बहने वाले गंदे पानी का मौके पर ही उपचार किया जाएगा। इस परियोजना का कार्य तीन वर्षों के लिए दिया जाएगा और भुगतान प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से राजधानी में जलापूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत होगी और यमुना की सफाई अभियान को भी गति मिलेगी।
वजीराबाद तालाब क्षेत्र के पुनरुद्धार की योजना को भी स्वीकृति मिली
जल संकट से निपटने के लिए वजीराबाद तालाब क्षेत्र के पुनरुद्धार की योजना को भी स्वीकृति मिली है। इसके तहत कच्चे पानी के भंडारण की क्षमता एक दिन से बढ़ाकर दो से तीन दिन तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, आईआईटी रुड़की की प्रारंभिक अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर मुनक रेगुलेटर से हैदरपुर तक 1,050 क्यूसेक क्षमता वाली नई मुख्य पाइपलाइन बिछाने की 7,240 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।



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