Jantar Mantar violence : सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान 20 मार्च को भड़की हिंसा के पीछे साजिशकर्ताओं को बेनकाब करने में जुटी दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस की तकनीकी टीम ने उपद्रवियों और साजिशकर्ताओं के सबसे मुख्य सोशल मीडिया ग्रुप के डिजिटल ट्रेल को भी डिकोड कर लिया है। सूत्रों की मानें तो भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने का मुख्य मास्टरमाइंड ‘एककेए’ नामक संदिग्ध हैंडल था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें उसे पकड़ने के लिए दिल्ली से उत्तर प्रदेश तक छापेमारी कर रही हैं। इसके पकड़े जाने के बाद और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
दिल्ली पुलिस की साइबर विंग पिछले कई दिनों से प्रदर्शन से जुड़े व्हाट्सएप, टेलीग्राम और एन्क्रिप्टेड ‘बीटचैट’ ग्रुपों के डेटा का बारीकी से विश्लेषण कर रही थी। इस जांच में पुलिस ने उस मुख्य ग्रुप के पूरे डिजिटल रूट और चेन को सफलतापूर्वक डिकोड कर लिया है, जिसके जरिए प्रदर्शनकारी छात्रों को हिंसक बनने के निर्देश दिए जा रहे थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण के बाद यह साफ हो गया है कि जंतर-मंतर पर अचानक हुआ पथराव और बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिशें कोई तात्कालिक गुस्सा नहीं थीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी बाकायदा प्लानिंग की गई थी।
सरकार पर दबाव के लिए ‘एक मौत’ का प्लान
सूत्रों के मुताबिक, इन संदिग्ध ग्रुपों की चैट खंगालने पर पुलिस को ‘एककेए’ यूजरनेम वाले एक संदिग्ध हैंडल का पता चला है, जो ग्रुप में लगातार माहौल को बेहद भड़काऊ और हिंसक बना रहा था। पुलिस जांच में इस हैंडल द्वारा भेजा गया एक बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक संदेश सामने आया है। इस हैंडल से ग्रुप के सदस्यों को उकसाते हुए लिखा गया था कि अगर प्रदर्शन के दौरान किसी एक की भी जान जाती है, तो सरकार पर चौतरफा दबाव आएगा और हमारी मांगें तुरंत मान ली जाएंगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस संदेश से साफ होता है कि यह हैंडल चलाने वाला शख्स या संगठन छात्रों की आड़ में जानबूझकर किसी बड़ी अनहोनी के जरिए दिल्ली को सुलगाना चाहता था।
आईपी एड्रेस के बाद ऑपरेटर की तलाश
दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने ‘एककेए’ हैंडल के इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस, मैक एड्रेस और एक्टिव मोबाइल नंबर को पूरी तरह ट्रैक कर लिया है। इस ऑपरेटर के डिजिटल फुटप्रिंट्स से उसकी लोकेशन का भी पता लगाया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें इस डिजिटल मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में जुटी हैं। पुलिस आरोपी की तलाश में दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।



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