नई दिल्ली : इस बार आम आदमी पार्टी (आप) का चुनावी घोषणा पत्र 70 प्वाइंट एजेंडा पर आधारित नहीं होगा। पार्टी के घोषणा पत्र में प्रदूषण, यमुना, परिवहन पर प्रमुख रूप से बात होगी। इसमें राजधानी की सफाई व्यवस्था पर मुख्य रूप से शामिल होगी। हालांकि सफाई व्यवस्था नगर निगमों का है काम। मगर आप का मानना है कि सफाई व्यवस्था बदतर होने से दिल्ली की छवि खराब होती है इसलिए आप की सरकार इस बारे में भी उठाएगी कदम।
11 हजार बसों का एजेंडा
इस बार आप के घोषणापत्र में 11 हजार बसों का एजेंडा होगा। घोषणापत्र में इसे प्रमुखता से लिया जा रहा है। सरकार ने वर्तमान कार्यकाल में 4300 बसें सड़कों पर उतारे जाने की योजना बनाई थी। इसमें स्टेंडर्ड साइज की एक हजार बसें आनी हैं। 429 बसें आ चुकी हैं। शेष बसें भी चुनाव के बाद आएंगी। सूत्रों की मानें तो इस कार्यकाल में 11 हजार बसें उपलब्ध कराने का लक्ष्य रहेगा।
प्रदूषण के लिए ठोस योजना
दिल्ली में प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गया है। आम आदमी पार्टी इस कार्यकाल में प्रदूषण को लेेकर ठोस योजना लेकर आएगी और बताएगी कि प्रदूषण पर किस तरह नियंत्रण पाया जाएगा।
दिल्ली की सफाई व्यवस्था
आप इस सफाई के मुद्दे को घोषणा पत्र में शामिल कर रही है। पार्टी का मानना है कि आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा। यदि भाजपा शासित निगम इस कार्य में फेल हो रहे हैं तो आप इस बारे में सक्रिय भूमिका निभाएगी। पार्टी सत्ता में आने पर इस बारे में रास्ता निकालेगी कि सरकार अपने स्तर से सफाई व्यवस्था में किस तरह भूमिका निभा सकती है।
यमुना की सफाई
यमुना की सफाई ऐसा मुद्दा है जो दिल्ली में वर्षों से जिंदा है। इस सरकार से पहले कई सौ करोड़ रुपये यमुना सफाई पर खर्च हो चुके हैं। मगर बहुत तेजी से काम नहीं हो सका है। आप सरकार ने शोधित हाेने वाले सीवर के पानी को अपने प्रयासों से बढ़ाकर 450 एमसीडी किया है। शेष पानी यमुना में बगैर शाेधित किए गिर रहा है। लेकिन सरकार यमुना में गिरने वाले सीवर के पूरे पानी को शोधित करेगी।


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