आई बैसाखी…

Summary :

बैसाखी भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हर्षोल्लास से भरा त्यौहार है, जो विशेष रूप से पंजाबियों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यह पर्व हर साल अप्रैल महीने में आता है और नई फसल के आने की खुशी में मनाया जाता है। इसी दिन गुरु गोबिन्द सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी बहुत बड़ा है। पंजाब केसरी और वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब हर धर्म का आदर करता है और हर त्यौहार को धूमधाम से मनाता है। बैसाखी केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि खुशी, मेहनत और कृतज्ञता का प्रतीक है। किसान…

बैसाखी भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हर्षोल्लास से भरा त्यौहार है, जो विशेष रूप से पंजाबियों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यह पर्व हर साल अप्रैल महीने में आता है और नई फसल के आने की खुशी में मनाया जाता है। इसी दिन गुरु गोबिन्द सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी बहुत बड़ा है। पंजाब केसरी और वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब हर धर्म का आदर करता है और हर त्यौहार को धूमधाम से मनाता है। बैसाखी केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि खुशी, मेहनत और कृतज्ञता का प्रतीक है। किसान अपनी मेहनत का फल पाकर ईश्वर का धन्यवाद करते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, भांगड़ा-गिद्धा करते हैं और गुरुद्वारों में जाकर अरदास करते हैं। 13 अप्रैल को एक शुभ मुहूर्त भी माना जाता है। इस दिन शुभ कार्य आरम्भ किए जाते हैं। इस बार वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की हर ब्रांच बैसाखी का त्यौहार मना रही है। सबसे पहले शुरूआत की किरण गार्डन शाखा ने, क्या बात है वहां का जोश देखकर मुझे लग ही नहीं रहा था कि यह वरिष्ठ हैं, वहां अधिकतर पढ़े-लिखे सीनियर व रिटायर्ड लोग त्यागी हैं, जिन्हें रिटायर्ड बैंक मैैनेजर त्यागी जी अपने सहयोगी और चतरथ के साथ मिलकर चला रहे हैं और को-हैड सुषमा चौधरी और रेनू त्यागी हैं। क्या गिद्धा-भांगड़ा डाला, क्या देशभक्ति के गीत गाए। सच में बहुत जोश भरा और सबकी मेहनत दिखाई दे रही थी। सबसे अच्छा लगा त्यागी जी की बहू-बेटों से मिलकर, साथ में पोता भी था। दूसरी बारी थी जी.के.2 ब्रांच की, जिसकी हैड अंजू कश्यप हैं और को-हैड वीरेन्द्र मेहता जी हैं, उनके बहुत से सहयोगी हैं। रजनीश गोयनका जी (प्रमुख समाजसेवी), चावला कपल किस-किस का नाम लूं। सभी बहुत अच्छी टीम है। सारी ब्रांच बहुत सज-धज कर आई थी। मुझे अंजू जी का फोन आया कि बैसाखी के लिए तैयार होकर आना। जब मैं वहां पहुंची तो वहां देखने वाला नजारा था। पूरे पंजाब का दृश्य था। एक-एक सदस्य ने बहुत मेहनत की थी। यहां तक कि अंजू जी का ड्राइवर अपने गांव से गन्ने (ईख) लेकर आया था। सब ने फूलकारी के दुपट्टे पहने थे। ज्यादातर पुरुष गुरदास मान की स्टाइल से तैयार हुए थे। 96 वर्ष की प्रभा जी जो अपने आपको 9 वर्ष की कहती हैं। क्या गाना गा रही थीं। वीरेन्द्र मेहता जी का मंच संचालन का तो कोई मुकाबला ही नहीं था। बड़े नामी व्यक्ति हैं और उनकी प्यारी सी पत्नी मुस्कुराती हुई उनका साथ दे रही थीं। रजनीश गोयनका जी की पत्नी उनसे नाराज हो रही थीं कि उन्हें क्यों नहीं बताया कि बैसाखी मनाई जा रही है। वो भी तैयार होकर आतीं। हमेशा की तरह किरण और उसके पति सबकी सेवा कर रहे थे। प्रोग्राम में बहुत सी किरण आई हुई थीं। किरण लूथरा जो बहुत शालीन महिला हैं, बहुत सजी हुई शालीन लग रही थीं। वीना शर्मा जो चल नहीं पा रही थीं प्रोग्राम के जोश में अपनी छड़ी छोड़कर डांस कर रही थीं। सबका नाम लेना मुश्किल है, परन्तु अंजू जी के पति राजीव कश्यप जी मुस्कराते हुए अपनी पत्नी की मेहनत देख रहे थे। सबसे बड़ी शान थे वो हमारे पंजाबी भाई एक तो पुलिस रैंक के डीसीपी के बराबर हैं, जिन्होंने शानदार भांगड़ा डाला।
फिर बारी थी मॉडल टाउन ब्रांच की जिसकी हैड हमारी कर्मठ बीनू चौहान हैं, साथ में रेखा ग्रोवर, कपिला और लक्ष्मण बहुत से और लोग जो बीनू के नेतृत्व में ब्रांच के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि एक-एक सदस्य मेहनत करता है। सबसे अच्छा लगा कि उनका उत्साह बढ़ाने के लिए मॉडल टाउन के एमएलए अशोक गोयल और तिमारपुर से सूर्य प्रकाश खत्री जी और सबके चहेते विकेश सेठी और बहुत सी ब्रांच के हैड आए। उन्होंने बहुत ही मेहनत से प्रोग्राम किया। भाई जी ईत्र वाले अपनी पत्नी के साथ आए। उनकी छत्रछाया में जो लड़कियों को ट्रेनिंग और शिक्षा दी जा रही है, उनकी परफोरमेंस से प्रोग्राम शुरू हुआ। फिर तो क्या बात थी भांगड़ा-गिद्धा, डांस और धुरंधर जैसे प्रोग्राम में सब ने हिस्सा लिया। अशोक गोयल जी, खत्री जी और विकेश सेठी ने बहुत प्रेरणादायक शब्द बोले और भजन और गीत भी गाए। अभी आज पंजाबी बाग का प्रोग्राम है, फिर रोहिणी, फरीदाबाद, पश्चिम विहार, सबके लाइन में प्रोग्राम हो रहे हैं, जिनके रह जाएंगे उनको छुट्टियों के बाद चांस मिलेगा। सभी व्यस्त, मस्त और स्वस्थ रहें। बस मिलकर खुशी मनायें-आई बैसाखी….।

Kiran Chopra