मध्य पूर्व एशिया में जो युद्ध शुरू हुआ है, थमने के नाम नहीं ले रहा है। अरबी देशों और ईरान की तबाही के बाद अब समस्या हाेर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी पर आ गई है। इस युद्ध से पूर्व हाेर्मुज जलडमरूमध्य पूर्ण रूप से सभी के लिए खुला हुआ था, जो अमेरिका की चौधराहट और इजराइल के हिटलरवाद के चलते रुक गया है। असल में ये जलडमरूमध्य होते क्या हैं, शायद हम ज़मीन पर रहने वाले बहुत से लोग नहीं जानते। वास्तव में कुछ देशों के साथ समुद्र जुड़े होते हैं। हर देश के तट के साथ जो भी समुद्र होता है उससे 12 मील का पानी उसी देश का होता है, जो उसके तट से सट के चलता है। उसके पार अंतर्राष्ट्रीय पानी माना जाता है। विश्व में कई जलडमरूमध्य अर्थात स्ट्रेट्स ऐसे हैं जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जैसे – हाेर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहां से विश्व का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल और गैस गुजरते हैं। इसके अतिरिक्त हैं मलक्का जलडमरूमध्य, जो भारत, चीन और जापान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है और एशिया का प्रमुख समुद्री रास्ता माना जाता है। इसके बाद है जिब्राल्टर जलडमरूमध्य, जो भूमध्य सागर को अटलांटिक महासागर से जोड़ता है। फिर आता है बोस्फोरस जलडमरूमध्य, जो काला सागर को मरमरा सागर से जोड़ता है और यूरोप-एशिया की सीमा बनाता है। ऐसे ही बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य है, जो लाल सागर को अरब सागर से जोड़ता है और स्वेज नहर के लिए महत्वपूर्ण है। एक और है, डोवर जलडमरूमरू, जो इंग्लिश चैनल का सबसे संकरा भाग है और यूरोप का व्यस्ततम समुद्री मार्ग है, जो एशिया और उत्तरी अमेरिका को अलग करता है। इसके बाद मैगेलन जलडमरूमध्य है, जो अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ता है। ये सभी जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सैन्य रणनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें से किसी भी मार्ग में बाधा आने पर विश्व अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। हाेर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह संकीर्ण जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे वैश्विक व्यापार, विशेषकर तेल परिवहन, के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान तथा संयुक्त अरब अमीरात स्थित हैं। इसकी चौड़ाई लगभग 33 किलोमीटर है, लेकिन जहाजों के आवागमन के लिए उपयोगी मार्ग इससे भी संकरा है। आर्थिक महत्व यह जलडमरूमध्य विश्व के तेल परिवहन का मुख्य मार्ग है। विश्व का लगभग एक-तिहाई कच्चा तेल इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ओपेक के कई प्रमुख देश, जैसे सऊदी अरब, इराक, कुवैत आदि अपने तेल निर्यात के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं। इसलिए इसकी सुरक्षा और खुलापन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है। सामरिक महत्व हाेर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व भी बहुत अधिक है। यह क्षेत्र अक्सर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव का केंद्र रहा है। यदि किसी कारणवश यह मार्ग बंद हो जाए तो विश्व में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और वैश्विक आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है। पर्यावरणीय और सुरक्षा चुनौतियां तेल टैंकरों की भारी आवाजाही के कारण यहां तेल रिसाव का खतरा बना रहता है जिससे समुद्री जीवन और पर्यावरण को नुक्सान हो सकता है।
इसके अलावा समुद्री डकैती, सैन्य गतिविधियां और राजनीतिक तनाव भी इस क्षेत्र को संवेदनशील बनाते हैं। जब अमेरिका ने ईरान को (कई बार बातचीत के नाम में) तबाह किया है तो यह बात तो साफ़ हो गई कि उसके दिल में बेईमानी है। उसने सोचा था कि वह वेनेजुएला की भांति ईरान की सत्ता, जनता और तेल पर कब्ज़ा कर लेगा, मगर ऐसा नहीं हुआ क्योंकि ईरान ने उसकी बदनियती को काफी अर्से पूर्व ही भांप लिया था और लगभग 45 वर्ष से बावजूद पाबंदियों के अपने को सामरिक एतबार से और विशेष रूप से बैलिस्टिक मिसाइलों को लेकर अपने को साबित किया है। रही बात एटम बम बनाने की तो ईरान को पूर्ण अधिकार है उसे बनाने का, क्योंकि इजराइल, पाकिस्तान आदि सभी के पास एटम बम हैं और ईरान अपनी आणविक शक्ति को किसी पर इस्तेमाल के लिए नहीं बल्कि शांति कार्यों के लिए है। कायदे से तो यह हर्जाना इन जहाज़ों को नहीं बल्कि अमेरिका को देना चाहिए और रूस व चीन दोनों को यह करवाना चाहिए, क्योंकि मौजूदा जंग के संक्रमण के लिए केवल और केवल अमेरिका और इजराइल जिम्मेदार हैं। यदि अमेरिका ने नाकेबंदी जारी रखी तो विश्व में हाहाकार मच जाएगा। अब अमेरिका को होश के नाखून लेने चाहिए और बाज़ आना चाहिए।
अमेरिका की हरकतों पर अब बहुत जरूरी है लगाम
Summary :
मध्य पूर्व एशिया में जो युद्ध शुरू हुआ है, थमने के नाम नहीं ले रहा है। अरबी देशों और ईरान की तबाही के बाद अब समस्या हाेर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी पर आ गई है। इस युद्ध से पूर्व हाेर्मुज जलडमरूमध्य पूर्ण रूप से सभी के लिए खुला हुआ था, जो अमेरिका की चौधराहट और इजराइल के हिटलरवाद के चलते रुक गया है। असल में ये जलडमरूमध्य होते क्या हैं, शायद हम ज़मीन पर रहने वाले बहुत से लोग नहीं जानते। वास्तव में कुछ देशों के साथ समुद्र जुड़े होते हैं। हर देश के तट…


Download Android App
Download iOS App



