कान्स के रेड कार्पेट पर छाया पंजाबियों का जलवा

Summary :

एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में रेड कार्पेट का बहुत प्रचलन है। रेड कार्पेट पर आंखों को चकाचौंध करने वाली रोशनियों के बीच फिल्म सितारे उतरते हैं तो कैमरों की फ्लैश उन्हें और ​भी चमकदार बना देती है। रेड कार्पेट यानी लाल कालीन का इतिहास बहुत पुराना है। 1821 में, दक्षिण कैरोलिना के जॉर्जटाउन में राष्ट्रपति जेम्स मोनरो के स्वागत के लिए एक लाल कालीन बिछाया गया था, जो आधुनिक परिवेश में किसी को “लाल कालीन जैसा स्वागत” देने के शुरुआती दर्ज उदाहरणों में से एक है। 1902 तक यह मुहावरा तब प्रचलन में आया जब न्यूयॉर्क सेंट्रल रेलरोड ने अपनी विलासितापूर्ण ट्रेन…

एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में रेड कार्पेट का बहुत प्रचलन है। रेड कार्पेट पर आंखों को चकाचौंध करने वाली रोशनियों के बीच फिल्म सितारे उतरते हैं तो कैमरों की फ्लैश उन्हें और ​भी चमकदार बना देती है। रेड कार्पेट यानी लाल कालीन का इतिहास बहुत पुराना है।
1821 में, दक्षिण कैरोलिना के जॉर्जटाउन में राष्ट्रपति जेम्स मोनरो के स्वागत के लिए एक लाल कालीन बिछाया गया था, जो आधुनिक परिवेश में किसी को “लाल कालीन जैसा स्वागत” देने के शुरुआती दर्ज उदाहरणों में से एक है। 1902 तक यह मुहावरा तब प्रचलन में आया जब न्यूयॉर्क सेंट्रल रेलरोड ने अपनी विलासितापूर्ण ट्रेन ’20वीं सेंचुरी लिमिटेड’ में सवार होने वाले यात्रियों के लिए लाल कालीन बिछाया। हॉलीवुड ने 1922 में ग्रौमन के इजिप्शियन थिएटर में ‘रॉबिन हुड’ के प्रीमियर के दौरान इस विचार को अपनाया। 1961 तक, एकेडमी अवार्ड्स ने अपने सितारों के आगमन के लिए एक आधिकारिक रेड कार्पेट की शुरूआत की, और इसी क्षण से यह ग्लैमर और समारोह का वैश्विक प्रतीक बन गया। रंग मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से, लाल रंग हमारा ध्यान आकर्षित करता है। यानी यह भीड़ में, तस्वीरों में और टीवी पर अलग दिखता है। आपकी निगाहें उत्साह और उत्सुकता के साथ रेड कार्पेट की ओर खिंची चली जाती हैं, यह देखने के लिए कि कौन सा प्रसिद्ध व्यक्ति उस पर चलेगा। रेड कार्पेट विशिष्ट अतिथियों के स्वागत का एक प्रतीकात्मक तरीका बना हुआ है और अब सेलिब्रिटी संस्कृति के तमाशे का केंद्र बन गया है। यदि आप रेड कार्पेट के पलों का आनंद लेते हैं, तो ध्यान दें कि कैसे लाल रंग तुरंत आंखों को आकर्षित करता है और उत्सुकता की भावना पैदा करता है। 1990 के दशक के मध्य में मिस वर्ल्ड/मिस यूनिवर्स प्रतियोगिताओं को टेलीविजन पर लाइव देखना मनोरंजन का एक बेहतरीन साधन था, घंटों तक चलने वाला दृश्य, जिसमें कई एलिमिनेशन राउंड, फैशन परेड, प्रश्नोत्तर सत्र और अंत में खुशी के आंसुओं के बीच सिंड्रेला का ताजपोशी होना शामिल था। सुष्मिता सेन, लारा दत्ता, ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा, युक्ता मुखी आदि भारत का “प्रतिनिधित्व” कर चुकी हैं।
कान्स फिल्म महोत्सव के रेड कार्पेट पर हमेशा की तरह एश्वर्या राय, आलिया भट्ट और अन्य कई बालीवुड की ​हिरोइनों ने अपने हुस्न का जलवा बिखेरा है। कभी रेड कार्पेट पर बड़े सितारों का ही दबदबा देखने को मिलता था लेकिन इस बार पहली बार पंजाबी फिल्म उद्योग ने अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। पंजाबी फिल्मों की लोकप्रियअभिनेत्री रूपी गिल ने प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर शानदार उपस्थिति दर्ज कराई, जहां उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘चढ़दीकलां’ के प्रचार के दौरान अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर पंजाबी सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया।
विश्व स्तर पर चर्चित इस कार्यक्रम में गिल की उपस्थिति पंजाबी सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। पारंपरिक पंजाबी परिधान में सुरुचिपूर्ण ढंग से सजे-धजे इस अभिनेत्री ने सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित प्लेटफार्मों में से एक पर एक मजबूत सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत की। गिल की पोशाक में आइवरी रंग का शरारा सेट शामिल था, जिसमें ऑफ-व्हाइट रंग का छोटा कुर्ता और ढीले-ढाले शरारा पैंट थे, जिन पर नाजुक सोने की ब्लॉक प्रिंटिंग और कढ़ाई की गई थी। इस लुक का सबसे खास तत्व एक पारंपरिक फुलकारी शैली का हाथीदांत रंग का दुपट्टा था, जिस पर भारी अलंकृत सोने की बॉर्डर बनी हुई थी, और जिसे उन्होंने पारंपरिक पंजाबी शैली में अपने सिर पर लपेटा हुआ था।
उन्होंने अपने लुक को सुरुचिपूर्ण जातीय आभूषणों से पूरा किया, जिसमें पन्ना की बूंदों से सजा हुआ एक पारंपरिक पोल्की और कुंदन हार, मैचिंग स्टेटमेंट इयररिंग्स और सोने की चूड़ियाँ शामिल थीं। अपनी उपस्थिति के पीछे की प्रेरणा साझा करते हुए, गिल ने इस क्षण को कैप्शन दिया, “पंजाब दी मिट्टी, कान्स दे कार्पेट ते” (“कान्स के कार्पेट पर पंजाब की मिट्टी”)
कान्स रेड कार्पेट पर पंजाब की ब्यूटी क्वीन सास- बहू की जोड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों ने रेड कार्पेट पर साथ एंट्री लेकर न सिर्फ ग्लैमरस रूप दिखाया, बल्कि उन्हें देखकर एक नजर में पहचानना भी मुश्किल हो गया कि कौन सास है और कौन उनकी बहू।​दरअसल, मिसेज इंटरनेशनल वर्ल्ड क्लासिक 2026 गीतांजलि ओमप्रकाश कान्स में अपनी बहू और यूएमबी मिसेज इंडिया 2025 डॉ. सहर ओमप्रकाश से साथ आईं। जहां दोनों ब्यूटी टाइटल क्वीन का स्टालिश रूप देखने को मिला। एक ब्लैक ब्यूटी बन गई, तो दूसरी ने सितारों से सजे गाउन में अपनी चमक बिखेरी। जिनकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। सास- बहू की जोड़ी ने रेड कार्पेट के लिए एक- दूजे से अलग लेकिन सेम वाइब वाले गाउन को सिलेक्ट किया।
79वें कैन्स फिल्म फेस्टिवल में अभिनेत्री मीत कौर ने अपने शानदार रेड कार्पेट लुक से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और एक बार फिर अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया। अपनी खूबसूरती और स्टाइलिश प्रतिभा से मीत कौर ने ग्लोबल फैशन जगत और मीडिया का दिल जीत लिया। नेवी ब्लू और सिल्वर रंग के बेहद आकर्षक पुतले में नजर आईं मीत कौर ने आक्सीजन फैशन और रॉयल एलिगेंस का बेहतरीन संगम पेश किया। डायमंड और ग्लैमरस स्टाइलिंग ने उनके पूरे लुक को एक प्रभावशाली कान्स फैशन मोमेंट बना दिया। अपने कॉन्फिडेंट वॉक और दमदार प्रेसेंस के साथ मीत कौर ने दुनिया भर में मशहूर हस्तियों और पार्टियों के बीच अलग पहचान बनाई। उनका यह लुक सिर्फ ग्लैमर ही नहीं है, बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर भारतीय प्रतिभा और फैशन की बहु-पहचान को भी शामिल किया गया है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ पहले ही अपने हर शो में पंजाबी वेशभूषा और पगड़ी पहने पंजाबी संस्कृति को आकर्षण बरकरार रखे हुए हैं। पंजाब, पंजाबी आैर पंजाबियत को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में इन्हीं कलाकारों की बड़ी भूमिका रही है। कुल मिलाकर कान्स में इस बार पंजाबियों का जलबा रहा।

Aakash Chopra