Cooler ya AC Kya Sasta Padta Hai: भारत के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन के समय तो धूप से लोगों की हालात खराब हो रही है। ऐसे में इस चिपचिपाहट भरी गर्मी में हर घर में लोग कूलर या AC सहारा लेते हैं। कूलर काफी सस्ते होते हैं, ये 10,000 तक के बजट में आराम से खरीदे जा सकते हैं, इनकी सर्विसिंग चार्ज भी उतनी महंगी नहीं होती है। जबकि एसी कूलर के मुकाबले थोड़े महंगे आते हैं, इनकी कीमत 30,000 से शुरू होती है, और इनके सर्विसिंग चार्ज भी हाई होते हैं। दोनों का ही इस्तेमाल करते समय मन में डर बना रहता है कि बिजली का बिल जेब खाली कर देगा। लोग अक्सर उलझन में रहते हैं कि कम खर्च में ज्यादा ठंडक पाने के लिए कूलर बेहतर है या एसी।
AC vs Cooler Electricity Consumption: बिजली बिल का डर
ज्यादातर लोगों को लगता है कि एसी चलाने से बिल बहुत ज्यादा आएगा, इसलिए वे उसे कम चलाते हैं। वहीं कुछ का मानना है कि लोहे वाले बड़े कूलर में पावरफुल मोटर होती है, जो ज्यादा बिजली खाती है। इसी कन्फ्यूजन में कुछ लोग कूलर बंद कर एसी चलाने लगते हैं। आइए जानते हैं कि अगर एक लोहे का कूलर और 1.5 टन का एसी दोनों 12 घंटे चलें, तो किसका बिल कम आएगा।
Cooler ya AC Kya Sasta Padta Hai: कूलर का खर्च

अगर आप 400 वॉट वाला कूलर रोजाना 12 घंटे चलाते हैं, तो वह दिनभर में 4,800 वॉट (यानी लगभग 4.8 यूनिट) बिजली खर्च करेगा। आसान भाषा में कहें तो रोजाना करीब 5 यूनिट। इस हिसाब से महीने भर कूलर चलाने पर आपकी कुल 150 यूनिट बिजली खर्च होगी।
Cooler aur AC ka Bill Kitna Aata Hai: एसी का खर्च

अब 1.5 टन वाले 5-स्टार एसी की बात करें, तो यह हर घंटे करीब 840 वॉट बिजली लेता है। अगर इसे भी 12 घंटे चलाया जाए, तो यह दिनभर में लगभग 10,080 वॉट यानी 10 यूनिट बिजली खाएगा। इस तरह एसी चलाने पर महीने भर में कुल 300 यूनिट बिजली का खर्च आएगा।
Cooler vs AC: कौन है ज्यादा किफायती?

अगर 7 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल का आकलन करें, तो 12 घंटे कूलर चलाने पर महीने का खर्च लगभग 1,050 रुपये आता है। वहीं, उसी समय अवधि के लिए 1.5 टन का एसी चलाने पर आपको हर महीने करीब 2,100 रुपये चुकाने होंगे। इस तुलना से यह साफ हो जाता है कि ठंडक के मामले में भले ही एसी आगे हो, लेकिन कम खर्चे और बचत के लिहाज से कूलर आज भी एक बेहतर ऑप्शन है।






















