जींद : चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की जान लेने के लिए असले के साथ पहुंचे दो युवक खाकी की मुस्तैदी के बाद गिरफ्त में आ गए है। इन हमलावरों ने आखिरकार दूसरी बार वाइस चांसलर डॉ. आरबी सौलंकी की जान क्यों लेनी चाही या फिर अपनी दहशत का साम्राज्य स्थापित करने का यह प्रयास था, इसका राज जानने के लिए खाकी ने बुधवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया। इनके रिमांड के बाद ही इस बात का खुलासा हो पायेगा कि वे सीआरएस विश्वविद्यालय वाइस चांसलर से आखिरकार क्यों रंजिशन पाले हुए थे, जिसके चलते वे उनकी जान लेने पर उतारू हो गए।
बताया जा रहा है कि हमला करने के बाद नरेंद्र ने कुछ लोगों के नाम भी लिये थे। ऐसे में यह भी देखना है कि इन नामों के पीछे कितनी सच्चाई है या फिर आरोपी नरेंद्र मामले को डायवर्ट करने की सोच पाले हुए था। छात्र सगठनों के नेता आाशीष शर्मा, आकाश ढांडा, मोनू मलिक, रीकूं ने भी इस मामले में संदेह का सवाल उठाते हुए गहन और निष्पक्ष जांच की जो मांग की है, वह भी मामले की पेचीदगी को बढ़ा रही है। विश्वविद्यालय के कुलगुरू की जान से जुड़े इस बड़े मामले में सदर थाना प्रभारी मनदीप सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी नरेंद्र और सोनू को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
इस दौरान मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपियों से राज उगलवाएं जाएंगे। विश्वविद्यालय के गलियारों से जो बात छनकर सामने आई है, उसके नतीजन कई माह पहले नरेंद्र नशे में धुत होकर महिला हॉस्टल पहुुंच गया था। उस दौरान वाइस चांसलर डॉ. आरबी सौलंकी ने संज्ञान लेते हुए नरेंद्र को विश्वविद्यालय से बाहर का रास्ता दिखाया था। यही कारण माना जा रहा है कि इसके बाद नरेंद्र राड लेकर वाइस चांसलर को उनके कार्यालय में मारने के लिए पहुंचा था।
– संजय शर्मा


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