कांग्रेस की हरियाणा इकाई की अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने नए साल के पहले दिन शुक्रवार को सिंघू बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचकर लंगर सेवा में हिस्सा लिया और कहा कि सरकार को तीनों ‘काले कानूनों’ को तत्काल निरस्त करना चाहिए तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने का कानून बनाना चाहिए।
सैलजा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने नववर्ष की शुरुआत सिंघू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के बीच रात बिताकर की। इस दौरान कुमारी सैलजा ने किसानों से बातचीत की और लंगर सेवा में भी अपना सहयोग दिया। कुमारी सैलजा ने किसानों के नाम एक पत्र भी लिखा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार को अपना हठ छोड़कर, इन तीनों काले कानूनों को तुरंत प्रभाव से निरस्त करना चाहिए। इसके साथ ही सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाए और यह भी सुनिश्चित करे कि शत प्रतिशत फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही बिके।’’ उन्होंने सरकार से यह आग्रह भी किया, ‘‘पराली से संबंधित पर्यावरण अध्यादेश और बिजली विधेयक पर जो सरकार ने किसान नेताओं से वादा किया है, उसे तुरंत प्रभाव से पूरा किया जाए।’’
सैलजा ने कहा, ‘‘इस भीषण ठंड में किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं और 46 किसान अपना बलिदान दे चुके हैं। अकेले हरियाणा से 10 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में अपनी जान गंवा चुके हैं। हमारी मांग है कि इस आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिजन को मुआवजा व नौकरी प्रदान की जाए।’’


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