पंचकूला : भाजपा नेताओं की तरह बिजली भी गांवों में कम ही देखने को मिलती है। रोजाना कई घंटो के अघोषित कटो के कारण सरकार की 24 घंटे बिजली देने की खोखली योजना दम तोड़ चुकी है, लेकिन आज लाखों के बिजली बिल के बोझ ने बिजली उपभोक्ताओं की कमर तोडऩे का काम किया है। यह आरोप इनेलो के कालका से पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने लगाएं। पूर्व विधायक ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंचकूला जिला के करीब 123 गांवों में 1 जनवरी 2017 को 24 घंटे बिजली देने की शुरूआत की थी, लेकिन आज गांवों में कई-कई घंटे की बिजली कटौती हो रही है।
शाम को सही वक्त पर बिजली नही आने के कारण पशुओं का चारा काटने के लिए लोग इंतजार करते है और इससे पशु भी भूखे ही इंतजार करने को मजबूर है। सरकार का यह डिजीटल इंडिया के सपने के अभी तक कोई सकरात्मक परिणाम सामने नही आए है। अब सरकार बिजली मीटरों की रीडिंग देने के लिए नई तकनीक अपनाती है, जिसके चलते बिजली उपभोक्ताओं के लाखों के बिजली बिल आ रहे है, जबकि उनका बिल प्रतिमाह हजार रूपये तक सीमित था, ऐसा सरकार की बीमार योजनाओं के चलते हो रहा है और ज्यादात्तर लोग बिजली ऑफिस में बिजली बिल ठीक करवाने में अपना वक्त गंवा रहे है और ऐसी परिस्थिति में यदि किसी उपभोक्ता का बिजली मीटर खराब हो गया तो उसे तो लाखों रूपये का बिल भरना होगा, क्योंकि तब उसके पास बिजली रिकार्ड के सबूत नही बचेगें।
बिजली विभाग बिजली के बिलों को ठीक करें। चौधरी ने कहा कि किसान की सबसे बड़ी दुश्मन भाजपा बनी हुई है और किसानों का शोषण करने में कोई कसर नही छोड़ रही है। आज गेंहू की फसल की सिंचाई के लिए किसानों को भरपूर बिजली नही मिल रही है और सरकार दावे तो बहुत बड़े-बड़े करती है, लेकिन किसान आज सबसे ज्यादा दुखी और परेशान है। चौधरी ने कहा कि सबसे पहले भाजपा किसानों का कर्जा माफ करने का काम करें, क्योंकि आगामी वक्त में इनेलो की प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों का कर्जा माफ किया जाएगा, क्योंकि किसान का कर्जा ताऊ देवीलाल ने भी माफ किया था।
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