चंडीगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि पहले ही हमारी यूपीए सरकार ने किसानों को अहमियत देते हुए कि 72 हजार करोड़ रूपये का कर्जा माफ किया था और अब भी हम 2019 में लोकसभा के चुनाव के घोषणा पत्र में कृषि, किसान और कृषि मजदूरों के हितों में नई योजना और उनकी समस्याओं के लिए स्थाई हल निकालने के लिए राहुल गांधी जी ने मुझे यह जिम्मेवारी दी है। इसलिए हमने पंजाब, हरियाणा व उत्तरप्रदेश के किसानों के साथ मिलकर उनसे सुझाव लेने का कार्यक्रम बनाया है।
इसी सिलसिले में यह वार्ता रखी गई है। हुड्डा पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। हुड्डा ने कहा कि पंजाब व हरियाणा के सैकड़ों किसान प्रतिनिधियों ने कई अच्छे सुझाव दिये हैं। बैठक में किसानों की दुर्दशा और उनके द्वारा की जा रही आत्महत्याओं पर चिंता व्यक्त की गई। इसके लिए मौजूदा भाजपा सरकारों को जिम्मेवार ठहराया गया। मीटिंग में दोनों प्रदेशों की किसान यूनियनों व एसोसियेशनों और कृषि से जुड़े व्यवसायों के प्रतिनिधी व प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
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इस अवसर पर पंजाब से इन्द्रजीत जीरा, प्रधान, किसान खेत मजदूर यूनियन, भारतीय किसान यूनियन के गुरनाम सिंह चढ़ूनी, स्वामी इन्द्र व दलविन्द्र सिंह मट्टु, भारतीय किसान यूनियन (अ), शमशेर सिंह दहिया, बीकेयू, करनाल, जयकंवर, सेवा सिंह आर्य व दलबीर सिंह जागलान बीकेयू, बबलजीत सिंह खियाला व बलकार सिंह भंगु, किसान खेत मजदूर यूनियन, भारतीय किसान यूनियन (धर्मपाल बाढड़़ा) व किसान संर्घष समिति (मीर सिंह जेवली), दादरी के प्रतिनिधी राजू मान, जसपाल सिंह, कमलजीत सिंह, जगरूप सिंह, सर्वजीत सिंह काका, देवेन्द्र सिंह व महेन्द्र सिंह झाम्बा, पंजाब किसान खेत मजदूर संगठन और प्रगतिशील किसान रमेश खरकड़ी ने अपने सुझाव रखे।
एक्सपर्ट के तौर पर डॉ. कृष्ण सिंह खोखर ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
(आहूजा, राजेश)


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