रोहतक : पूर्व मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी सुभाष बतरा ने पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 2009 में उन्होंने ही मध्यस्थता करके हुड्डा की सरकार बनवाई थी और आज वहीं नेता पूछ रहे है कि बतरा कौन है और वह कौन सी पार्टी में है। पूर्व मंत्री यहीं नहीं रूके और कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस प्रत्याशी आरके आनंद को हराने में हुड्डा की अहम भूमिका रही है। दरअसल हांसी में पूर्व मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि पूर्व मंत्री सुभाष बतरा कौन सी पार्टी में है और उनकी एक टांग इधर है और दूसरी टांग उधर है, पहले यह स्पष्ट करे।
इसी बयान को लेकर बतरा पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि मुझे कांग्रेसी होने का प्रमाण पत्र भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से लेने की जरूरत नहीं है। प्रदेश की जनता जानती है कि कांग्रेस पार्टी को कौन व्यक्ति कमजोर करने में लगा हुआ है, जो पर्दे के पीछे से भाजपा से मिले हुए है। एक तरफ तो कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा रही सोनिया गांधी व अन्य कांग्रेस नेता भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चला रहे थे और पूर्व मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के गुनगान करने में जुटे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में ही विधानसभा के चुनाव लडा जाते रहा है और हरियाणा में भी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर के नेतृत्व में ही विधानसभा के चुनाव लड़ा जाएंगे। उन्होंने कहा कि फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान पूर्व सीएम कहां थे, उन्हें प्रदेश की जनता को जबाव देना चाहिए। इस अवसर पर सतीश बंधु, गौतम बतरा, रमेश खुराना , अनिल पघाल व सुमित सोनी प्रमुख मौजूद रहे।
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(मनमोहन कथूरिया)


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