गाली-गलौज के विवाद में बुजुर्ग की हत्या, शव जलाकर मिटाने की कोशिश! Gurugram में दिल दहला देने वाला हत्याकांड

Summary :

Khandsa Elder man Murder Case: हरियाणा के गुरुग्राम से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। मामूली कहासुनी और गाली-गलौज के विवाद ने इतना गंभीर रूप ले लिया कि एक 64 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। इतना ही नहीं, हत्या करने के बाद आरोपियों ने अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। खांडसा गांव में रहने वाले 64 वर्षीय बलराम 14 जून 2026 को अचानक घर से…

Khandsa Elder man Murder Case: हरियाणा के गुरुग्राम से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। मामूली कहासुनी और गाली-गलौज के विवाद ने इतना गंभीर रूप ले लिया कि एक 64 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। इतना ही नहीं, हत्या करने के बाद आरोपियों ने अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। खांडसा गांव में रहने वाले 64 वर्षीय बलराम 14 जून 2026 को अचानक घर से गायब हो गए थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के लोगों ने उन्हें कई जगह तलाश किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। काफी खोजबीन के बाद उनके बेटे ने सेक्टर-37 थाना पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिवार को उम्मीद थी कि बलराम कहीं चले गए होंगे और जल्द वापस आ जाएंगे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, चिंता बढ़ती गई। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।

जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

credit S-M
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शुरुआत में यह मामला केवल गुमशुदगी का लग रहा था, लेकिन पुलिस को जांच के दौरान कई ऐसे सुराग मिले जिन्होंने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी और तकनीकी जांच का सहारा लिया। साथ ही मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि बलराम कहीं लापता नहीं हुए थे, बल्कि उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की और संदिग्ध लोगों की तलाश तेज कर दी।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी मिथुन, विशेष तोमर और संदीप खांडसा क्षेत्र में ही रहते थे। आरोपियों का कहना था कि बलराम अक्सर उनके साथ गाली-गलौज करते थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। 12 और 13 जून की रात एक बार फिर इसी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ। बहस धीरे-धीरे बढ़ती गई और फिर झगड़ा हिंसक हो गया। गुस्से में आकर तीनों आरोपियों ने बलराम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

मौके पर ही हो गई मौत

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आरोपियों द्वारा किए गए हमले में बलराम को गंभीर चोटें आईं। लाठी-डंडों से लगातार वार किए जाने के कारण उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जब आरोपियों को एहसास हुआ कि उनकी मौत हो चुकी है, तो वे घबरा गए। उन्हें डर था कि पुलिस जल्द ही उन्हें पकड़ लेगी। इसी डर के कारण उन्होंने सबूत मिटाने की योजना बनाई ताकि किसी को हत्या की जानकारी न मिल सके।

Burnt Dead Body Case: शव को सुनसान जगह ले जाकर जलाया

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, संदीप और विशेष तोमर ने बलराम के शव को मोटरसाइकिल पर बीच में बैठाकर लगभग 500 मीटर दूर एक खाली प्लॉट तक पहुंचाया। यह प्लॉट खांडसा गांव के पीछे स्थित था और वहां लोगों का आना-जाना बहुत कम था। आरोपियों को लगा कि यह जगह उनके अपराध को छिपाने के लिए सुरक्षित रहेगी। खाली प्लॉट में पहुंचने के बाद तीनों ने शव में आग लगा दी। पुलिस का कहना है कि आरोपी तब तक वहां मौजूद रहे जब तक शव पूरी तरह जल नहीं गया। उनका उद्देश्य हर सबूत को खत्म करना था ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके।

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। आरोपियों ने शव को जलाने से पहले बलराम के हाथ में पहनी हुई सोने की अंगूठी निकाल ली थी। बाद में उन्होंने उस अंगूठी को एक सुनार के पास लगभग 70 हजार रुपये में बेच दिया। बिक्री से मिली रकम को तीनों ने आपस में बांट लिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वह अंगूठी भी बरामद कर ली है।

3 Accused Arrested: पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले की जांच कर रही सेक्टर-37 थाना पुलिस को 19 जून 2026 को महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने बीकानेर टी-प्वाइंट के पास घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने हत्या से लेकर शव जलाने तक की पूरी घटना पुलिस को विस्तार से बताई। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में 18 वर्षीय विशेष तोमर, 30 वर्षीय मिथुन और 41 वर्षीय संदीप शामिल हैं। विशेष तोमर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले का रहने वाला है। मिथुन बुलंदशहर जिले के फकाना गांव का निवासी है। वहीं संदीप हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।

पुलिस रिकॉर्ड की जांच में सामने आया है कि आरोपियों का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। संदीप के खिलाफ सोनीपत में हत्या का मामला दर्ज है। वहीं मिथुन पर गुरुग्राम और गाजियाबाद में मारपीट और झगड़े के मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस अब तीनों आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

Gurugram Murder Case: रिमांड पर लेकर होगी आगे की जांच

गुरुग्राम पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान हत्या में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे और मोटरसाइकिल बरामद करने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा पुलिस अन्य सबूत जुटाकर मामले को और मजबूत बनाने में लगी हुई है। यह घटना दिखाती है कि छोटी-सी कहासुनी भी कभी-कभी कितना भयावह रूप ले सकती है।

एक बुजुर्ग की हत्या और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।