गुरुग्राम : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने बीती रात को प्रदूषण से बिगड़े हालात पर केंद्र और हरियाणा सरकार को फटकार लगाई और कहा कि दोनों ही सरकारें कदम नहीं उठा रहीं। हरियाणा सरकार ने बताया कि प्रदूषण को लेकर उसने गुरुवार को दो मीटिंग की। एनजीटी ने कहा कि आप 20 मीटिंग कर लीजिए, लेकिन उससे क्या फर्क पड़ेगा। आप कोई एक काम बताइए जो आपने प्रदूषण को कम करने के लिए किया हो?
* प्रदुषण का मुख्य कारण हैं पुरानी डीज़ल कार बस व आटो परन्तु सरकार ने अभी तक अंकुश नहीं लगाया
* 10 साल पुरानी डीजल गाडिय़ां भी सड़कों से नहीं हटी
हरियाणा सरकार ने कहा कि हरियाणा मे प्रदूषण के बढऩे की मु य वजह क्रॉप बर्निंग है। एनजीटी ने कहा कि क्रॉप बर्निंग के आलावा हरियाणा मे लगातार प्रदूषण बढऩे की कई और वजह है। एनजीटी ने हरियाणा सरकार व केंद्र सरकार को तलब करते हुए कहा कि अभी तक 10 साल पुरानी डीजल गाडियों को हरियाणा की सड़कों से नहीं हटा पाए है। हम अपने बच्चों और नौनिहालों को क्या दे रहे हैं? प्रदूषण जो उनके लिए जानलेवा है। हमे सोचना होगा। एनजीटी ने कहा कि हमने खुद देखा है कि हरियाणा के कई इलाकों मे बिल्डर्स कंस्ट्रक्शन के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। कंस्ट्रक्शन के दौरान धूल प्रदूषण बढ़ाने का बड़ा कारण है। डस्ट, प्लास्टिक बर्निंग और कूड़े को जलाने को लेकर अभी तक एजेंसी व नगर निगम क्या कर रही है। एनजीटी ने यूपी, हरियाणा और पंजाब राजस्थान और दिल्ली के पर्यावरण सेक्रेटरी को तलब किया और कहा कि वो हर हाल मे सुनिशिचित करें कि प्रदूषण को कैसे कम करना है। एनजीटी ने इन सभी राज्यों से जल्द से जल्द पूरी रिपोर्ट देनों को कहा है।
– सतबीर भारद्वाज


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