चंडीगढ़ : दिल्ली से पानीपत तक 12 लेन के एनएच-44 के लिए अब नए सिरे से ठेका होगा। करनाल के सांसद संजय भाटिया ने 3 दिसंबर को संसद के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को उठाया था। जवाब में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जल्द काम शुरू कराने का भरोसा दिया था। अब एनएचआइ ने अप्रैल 2019 तक काम पूरा करने में नाकाम एस्सेल इन्फ्राप्रोजेक्टस लिमिटेड का ठेका रद कर दिया है।
नेशनल हाईवे का काम पूरा न होने के कारण ट्रैफिक जाम से लेकर कई हादसे भी हो चुके हैं। दिल्ली के मुकरबा चौक से पानीपत तक जीटी रोड (राजमार्ग) को चौड़ा करने की परियोजना अप्रैल 2019 में पूरी होनी थी, लेकिन अभी तक 44 फीसद ही काम हो पाया है। 2128.72 करोड़ की इस परियोजना में दिल्ली से पानीपत तक जीटी रोड को चौड़ा करने का कान्ट्रेक्ट 2015 में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में एस्सेल को आवंटित किया गया था।
70 किलोमीटर लंबे इस नेशनल हाईवे पर 29 छोटे पुल, 10 फ्लाईओवर, पांच वाहन और पांच यात्री अंडरपास, 11 फुट ओवरब्रिज और 15 प्रमुख सड़क जंक्शन हैं। कंपनी ने डेढ़ साल पहले सभी साइटों, फ्लाईओवर, अंडरपास, अंडरब्रिज, सर्विस लेन और अन्य काम बंद कर दिए थे। कंपनी ने उप ठेकेदारों को काम आवंटित किया था, मगर समय पर भुगतान नहीं करने पर उप ठेकेदारों ने काम अधर में ही छोड़ दिया।


Download Android App
Download iOS App



