Dr B.R Ambedkar Quotes in Hindi: हर साल का 14 अप्रैल भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाने वाला दिन है। इस दिन को भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में बाबा साहेब की 135वीं जयंती मनाई जा रही है।
14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्में भीमराव का जन्म एक दलित परिवार में हुआ था। यही कारण है कि उन्हें बचपन से ही सामाजिक भेदभाव और छुआछूत का सामना करना पड़ा। लेकिन इन कठिनाइयों के बावजूज उन्होनें अपने हौसले को हमेशा मजबूत रखा।
बाबा साहेब का मानना था कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वह दहाड़ेगा। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से डॉक्टरेट की उपाधियां प्राप्त की और अपनी विद्वत्ता के दम पर दुनिया भर में लोहा मनवाया। आज अंबेडकर जयंती के उपलक्ष में अपने परिजनों और मित्रों को ये खास संदेश भेजकर इस दिन को और यादगार बनाएं।
Dr B.R Ambedkar Quotes in Hindi: बाबा साहब के अनमोल विचार

- हमें स्वयं के पैरों पर खड़ा होना सीखना चाहिए और अपने हक की लड़ाई पूरी ताकत से लड़नी चाहिए।
- लोकतंत्र केवल शासन की एक पद्धति नहीं है, बल्कि यह मूल रूप से साथ मिलकर जीने और साझा अनुभवों को बांटने का एक माध्यम है।
- किसी भी समाज की उन्नति को मापने का सही पैमाना उस समाज की महिलाओं द्वारा की गई प्रगति है।
- एक महान व्यक्ति और एक प्रभावशाली व्यक्ति में यही अंतर है कि महान व्यक्ति सदैव समाज की सेवा के लिए तत्पर रहता है।
- मेरा विश्वास उस धर्म में है जो इंसान और इंसान के बीच दूरियां पैदा करने के बजाय उन्हें जोड़ता हो।
- विचार, बंदूक की गोली से कहीं अधिक शक्तिशाली होते हैं। किसी को हथियार देना सरल है, लेकिन ज्ञान और विवेक देना अत्यंत चुनौतीपूर्ण।
- मुझे वह धर्म प्रिय है जो समाज में स्वतंत्रता, समानता और आपसी भाईचारे का पाठ पढ़ाता है।
- यदि आप एक महिला को शिक्षित करते हैं, तो वह पूरे समाज के कायाकल्प की नींव रखती है।

- जो समाज अपने अतीत और इतिहास को विस्मृत कर देता है, वह कभी उज्ज्वल भविष्य का निर्माण नहीं कर सकता।
- जिस प्रकार पौधे को जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार विचारों को भी प्रचार-प्रसार के जरिए जीवित रखना अनिवार्य है, अन्यथा वे लुप्त हो जाते हैं।
- बुद्धि और विवेक का निरंतर विकास करना ही मानव जीवन का परम लक्ष्य होना चाहिए।
- शिक्षित बनो, संगठित रहो और अपने अधिकारों के प्रति संघर्षशील बनो।
- एक आदर्श समाज वह है जहां सम्मान की भावना बढ़े और अपमान की भावना मिट जाए, ताकि एक करुणामय राष्ट्र बन सके।
- सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ना, राजनीतिक लड़ाई से कहीं अधिक बड़ा साहस है, क्योंकि धर्म और समाज के सुधारक सबसे अधिक निडर होते हैं।
- धर्म का निर्माण मनुष्य की भलाई के लिए हुआ है, न कि मनुष्य का जन्म धर्म की बेड़ियों में जकड़ने के लिए।
- मनुष्य के अस्तित्व और उसके विकास का असली आधार केवल ज्ञान ही है।
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