AAP छोड़कर BJP में गए सांसदों पर गिरेगी गाज! पार्टी ने सदस्यता खत्म करने की उठाई मांग

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AAP Action on Rajya Sabha Mps Disqualification: आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पूरे मामले में AAP अब कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रही है। दरअसल पार्टी ने अपने बागी सांसदों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने तय किया है कि वह राज्यसभा सचिवालय में याचिका दायर करेगी। इ स याचिका में इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की जाएगी। पार्टी का कहना है कि ये सांसद किसी अन्य पार्टी में शामिल होने के लिए वैध तरीके से विलय…

AAP Action on Rajya Sabha Mps Disqualification: आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पूरे मामले में AAP अब कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रही है। दरअसल पार्टी ने अपने बागी सांसदों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने तय किया है कि वह राज्यसभा सचिवालय में याचिका दायर करेगी। इ

स याचिका में इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की जाएगी। पार्टी का कहना है कि ये सांसद किसी अन्य पार्टी में शामिल होने के लिए वैध तरीके से विलय नहीं कर सकते, इसलिए इन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। AAP इस मुद्दे पर कानूनी सलाह भी ले रही है और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटा सकती है।

AAP Action on Rajya Sabha Mps Disqualification: किन सांसदों ने छोड़ी AAP?

AAP Action on Rajya Sabha Mps Disqualification
AAP Action on Rajya Sabha Mps Disqualification (Source: Social Media)

AAP के सात राज्यसभा सांसद, राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी—शुक्रवार को बीजेपी में शामिल हो गए। इन नेताओं के जाने से राज्यसभा में AAP की ताकत काफी कम हो गई है। अब पार्टी के पास सिर्फ तीन सांसद ही बचे हैं। सात सांसदों के जाने के बाद बड़ा सवाल यह है कि अब राज्यसभा में AAP की स्थिति क्या होगी। क्या बचे हुए सांसदों को भी कोई खतरा है? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा तुरंत कहना मुश्किल है। पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां बड़े स्तर पर सांसदों ने पार्टी बदली लेकिन उनकी सदस्यता बरकरार रही।

पहले भी हो चुका है ऐसा मामला

एक उदाहरण के तौर पर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) का मामला लिया जा रहा है। जब वेंकैया नायडू राज्यसभा के सभापति थे, तब टीडीपी के सांसद सी.एम. रमेश ने अपनी पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों के साथ बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया था। उस समय इस विलय को मान्यता मिल गई थी और सांसदों की सदस्यता रद्द नहीं की गई थी। इसी वजह से मौजूदा मामले में भी फैसला आसान नहीं माना जा रहा।

Arvind Kejriwal Statement on MPs: अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?

Arvind Kejriwal Statement on MPs
Arvind Kejriwal Statement on MPs (Source: Social Media)

AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे मामले पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि बीजेपी ने एक बार फिर पंजाब के लोगों के साथ विश्वासघात किया है। उनका बयान साफ तौर पर इस घटनाक्रम को राजनीतिक धोखे के रूप में पेश करता है।

Raghav Channa: राघव चड्ढा का पक्ष

वहीं, राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले को सही ठहराया है। उनका कहना है कि उन्होंने AAP को अपने जीवन के 15 साल दिए, लेकिन अब पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पार्टी में ईमानदार राजनीति नहीं रही और यह समझौते करने वाली पार्टी बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वह “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” थे और अब लोगों के करीब आने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।