Paper Leak Bill 2026 : NEET Paper Leak और देशव्यापी छात्र विरोध के बीच केंद्र सरकार ने एंटी-पेपर लीक कानून को बेहद सख्त बनाने की तैयारी कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में बड़े संशोधनों को हरी झंडी दे दी गई।
सरकार अगले हफ्ते से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में यह संशोधन बिल पेश करेगी। नए नियमों के तहत पेपर लीक से जुड़े माफियाओं और दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 22 लाख छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार का यह कदम परीक्षा तंत्र में फिर से भरोसा कायम करने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।
मौजूदा कानून बनाम नया प्रस्तावित बिल
देश में 21 जून 2024 से लागू मौजूदा एंटी-पेपर लीक कानून में पहले से ही सख्त प्रावधान हैं, लेकिन सरकार इसे और बेअसर बनाना चाहती है। दोनों के बीच के फर्क को इस तरह समझा जा सकता है:
| प्रावधान | मौजूदा कानून (2024) | नया संशोधन प्रस्ताव |
| पेपर लीक पर सजा | 3 से 5 साल जेल | अधिक सख्त और गैर-जमानती |
| माफिया/गिरोह पर जुर्माना | 1 करोड़ रुपये तक | 10 करोड़ रुपये तक |
| अधिकतम जेल की अवधि | 5 से 10 साल | 10 साल तक की जेल |
| एजेंसी पर कार्रवाई | 1 करोड़ जुर्माना और 4 साल का बैन | परीक्षा लागत की पूरी वसूली जारी |
आधी रात को प्रधानमंत्री की अपील
गुरुवार रात करीब 12 बजे पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर 2.56 मिनट का एक भावुक वीडियो मैसेज साझा किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है, यह लाखों परिवारों की सालों की मेहनत और दर्द से जुड़ा मुद्दा है।
पीएम के मुताबिक, पिछले ढाई महीनों में जांच एजेंसियों ने तेजी से काम करते हुए कई आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है। उन्होंने साफ किया कि सरकार का मुख्य मकसद बच्चों का पूरा एक साल बर्बाद होने से बचाना था। इसी वजह से कम समय के भीतर 22 लाख परीक्षार्थियों के एग्जाम कराए गए और 19 जुलाई को रिजल्ट भी जारी कर दिया गया। संसद में नया संशोधित कानून पास कराना अब सरकार की पहली प्राथमिकता है।
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