मिडिल ईस्ट जंग के कारण लगभग सभी देशों में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की किल्लत की खबर सुनने को मिली। इसी बीच एक वो पल को याद किया जा सकता है जब भारत में कांग्रेस की सरकार थी तो विपक्षी नेता पेट्रोल डीजल के 7 पैसे बढ़ने पर कड़ा विरोध जताया था। इसी बीच आज 2026 की बात करें तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाएं जाते है तो लोगों के लिए चर्चा का विषय बन जाता है।
लेकिन क्या आप उस दौड़ को जानते है, जब सिर्फ 7 पैसे प्रति लीटर पेट्रोल महंगा होने पर पूरे देश में जमकर विरोध जताया गया था। यह घटना साल 1973 की है, जब दुनिया में तेल संकट की वजह से भारत में भी पेट्रोल के दाम 7 पैसे बढ़ाए गए थे।
अटल जी बैलगाड़ी से पहुंचे थे संसद

बता दें कि जब तत्कालीन सरकार ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में 7 पैसों की वृद्धि की थी तो, इसके विरोध में अटल बिहारी वाजपेयी बैलगाड़ी से संसद पहुंचे थे। उनका कहना था कि महंगाई का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ता है। वाजपेयी ने बैलगाड़ी से संसद पहुंचकर सरकार के फैसले का जमकर विरोध किया था। उस समय उनके इस कदम की काफ़ी चर्चा हुई थी और अखबारों से लेकर टेलीविजन तक, हर जगह यह खबर छाई रही थी। लेकिन आज भी, जब देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, उस घटना को याद किया जा रहा है।
आज भी याद की जाती है यह घटना

अटल जी का यह विरोध आज भी भारतीय सियासी गलियारों में एक चर्चित घटनाओं में याद किया जाता है। जब भी पेट्रोल-डीजल की दामों की बात होती है, तब बैलगाड़ी से संसद पहुंचने वाली यह घटना को एक बार तो जरूर याद किया जाता है। हालांकि, उस दौड़ की आर्थिक हालात और आज की स्थिति काफी अलग हैं, इसलिए दोनों को एक नजर से नहीं देखा जा सकता है।
आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी रहती है नजर
आज यानी 2026 की बात करें तो आज भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें लोगों के लिए बड़ा मसला बना हुआ हैं। अलग-अलग प्रदेशों में टैक्स की वजहों से इनके दाम बदलते रहते हैं। तेल कंपनियां रोजाना नई कीमतें सुबह 6 बजे जारी करती हैं। ऐसे में जब भी ईंधन की दरों की बात होती है, तब 1973 में पेट्रोल के दाम बढ़ने के विरोध में अटल बिहारी वाजपेयी के बैलगाड़ी से संसद पहुंचने की घटना को याद करते हुए हवाला दिया जाता है। हालांकि, उस समय की स्थिति और आज की आर्थिक स्थिति में जमीन आसमान का फर्क है।























