बृजभूषण सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत, महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में बरी; राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

Summary :

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। कोर्ट ने सह-आरोपी और WFI के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर को भी दोषमुक्त करार देते हुए दोनों को बड़ी राहत दी।

राजधानी दिल्लीम स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट से भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व चीफ बृजभूषण शरण सिंह को आज सोमवार, 3 अगस्त 2026 को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण मामले में उन्हें बरी कर दिया है। इतना ही नहीं इस मामले में कथित आरोपी WFI के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर को भी दोषमुक्त बताया है। मालूम हो कि यह पूरा मामला जब बृजभूषण शरण सिंह WFI प्रमुख थे तभी उनपर आरोप लगाए गए थे। 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर बृजभूषण शरण सिंह जेल से बाहर थे। 2023 में दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिलाओं के खिलाफ हमला या आपराधिक बल जैसे जघन्य अपराध में चार्जशीट दाखिल की थी। 10 मई, 2024 को कोर्ट ने चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए और कार्यवाही शुरू की थी।

कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, बृजभूषण बोलें- ”होइहि सोइ जो राम रचि राखा”

Rouse Avenue Court (credit-sm)

बता दें कि आज बृजभूषण सिंह को पहलवान शोषण मामले में क्लीन चिट दे दी गई है। उनके साथ-साथ तोमर को भी इस केस से मुक्त कर दिया गया है। कोर्ट के फैसले पर बीजेपी के पूर्व सांसद ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि, “हमने पहले ही कहा था, जो अब सही साबित हुआ” . बताते चले कि इस मामले की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने सुनाया है। कोर्ट के फैसले आने के बाद बृजभूषण सिंह ने गोस्वामी गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस की प्रसिद्ध एक चौपाई सुनाई। उन्होंने कहा ”होइहि सोइ जो राम रचि राखा।” जिसका मतलब होता है,'”जो कुछ भगवान श्रीराम ने पहले से निर्धारित कर रखा है, वही होकर रहेगा। मनुष्य की इच्छा से नहीं, बल्कि ईश्वर की इच्छा के अनुसार ही सब घटित होता है।”

क्या है पूरा मामला?

Sexual harassment case (credit-sm)

याद हो कि कई महिला पहलवानों ने बीजेपी पूर्व सांसद और बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और दुर्व्य व्यवहार का आरोप लगाया था। आरोपों में कहा गया था कि उन्होंने कई मौकों पर महिला खिलाड़ियों के साथ गंदी-गंदी हरकतें कीं और उन्हें असहज महसूस कराया। इन शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच की। बाद में यह मामला अदालत पहुंचा, जहां आज कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की और दोनों आरोपी को इस केस में आरोपों से बरी कर दिया।

 

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।