सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय साइबर गुलामी नेटवर्क का सरगना गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अंतरराष्ट्रीय साइबर गुलामी और मानव तस्करी नेटवर्क के एक प्रमुख सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ ‘कृष’ मुंबई का निवासी है। सीबीआई ने उसे म्यांमार के साइबर स्कैम केंद्रों में भारतीय युवकों की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच से पता चला है कि यह संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह भोले-भाले भारतीय नागरिकों को थाईलैंड में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर फंसाता था। पीड़ितों को पहले दिल्ली से बैंकॉक ले जाया जाता था और फिर गुपचुप तरीके से म्यांमार के म्यावाडी क्षेत्र (खासकर केके पार्क)…

नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अंतरराष्ट्रीय साइबर गुलामी और मानव तस्करी नेटवर्क के एक प्रमुख सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ ‘कृष’ मुंबई का निवासी है। सीबीआई ने उसे म्यांमार के साइबर स्कैम केंद्रों में भारतीय युवकों की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

जांच से पता चला है कि यह संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह भोले-भाले भारतीय नागरिकों को थाईलैंड में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर फंसाता था। पीड़ितों को पहले दिल्ली से बैंकॉक ले जाया जाता था और फिर गुपचुप तरीके से म्यांमार के म्यावाडी क्षेत्र (खासकर केके पार्क) स्थित साइबर स्कैम केंद्रों में भेज दिया जाता था। वहां उन्हें साइबर धोखाधड़ी में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था।

इन केंद्रों पर पीड़ितों को ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ स्कैम, रोमांस धोखाधड़ी और क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटालों में शामिल होने के लिए शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी। उन्हें अवैध रूप से कैद रखा जाता था, उनकी आवाजाही पर सख्त पाबंदियां लगाई जाती थीं और लगातार धमकियां दी जाती थीं।

वर्ष 2025 में कई भारतीय पीड़ित इन स्कैम केंद्रों से भाग निकलने में सफल रहे और थाईलैंड पहुंचकर भारत लौटे। सीबीआई ने इन पीड़ितों के विस्तृत बयान दर्ज किए, जिनसे तस्करी नेटवर्क का पूरा तरीका समझ में आया। खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई ने गहन जांच की और सुनील उर्फ ‘कृष’ को इस नेटवर्क का मुख्य मददगार और सरगना पाया।

आरोपी की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए सीबीआई ने हाल ही में भारत लौटने पर उसे मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। उसके आवास पर तलाशी ली गई, जिसमें म्यांमार और कंबोडिया में चल रहे तस्करी ऑपरेशनों से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत जब्त किए गए।

सीबीआई अधिकारी ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। एजेंसी अब अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार करने की प्रक्रिया में है। पूरे नेटवर्क के विस्तार का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

सीबीआई ने स्पष्ट किया कि वह साइबर अपराध और मानव तस्करी के गिरोहों को पूरी तरह खत्म करने और भारतीय नागरिकों को ऐसे संगठित शोषण से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि म्यांमार के साइबर स्कैम केंद्रों में हजारों भारतीय युवा फंसे हुए हैं। सीबीआई की इस सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

–आईएएनएस

एससीएच

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