CCS high-level meeting: प्रधानमंत्री आवास पर सीसीएस की हाई-लेवल मीटिंग, पश्चिम एशिया संकट पर मंथन

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CCS high-level meeting:  रविवार को Narendra Modi की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की हाई-लेवल बैठक प्रधानमंत्री आवास पर शुरू हुई। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में हालिया घटनाओं के बाद क्षेत्रीय तनाव तेजी से बढ़ा है और वैश्विक सुरक्षा चिंताएं गहरा गई हैं। बैठक में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval और विदेश सचिव Vikram Misri मौजूद रहे। मिडिल ईस्ट की बिगड़ती स्थिति पर फोकस सूत्रों के अनुसार, बैठक में अमेरिका और इजरायल की ओर से…

CCS high-level meeting:  रविवार को Narendra Modi की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की हाई-लेवल बैठक प्रधानमंत्री आवास पर शुरू हुई। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में हालिया घटनाओं के बाद क्षेत्रीय तनाव तेजी से बढ़ा है और वैश्विक सुरक्षा चिंताएं गहरा गई हैं।

बैठक में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval और विदेश सचिव Vikram Misri मौजूद रहे।

मिडिल ईस्ट की बिगड़ती स्थिति पर फोकस

सूत्रों के अनुसार, बैठक में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए एयरस्ट्राइक और उसके बाद की जवाबी कार्रवाई से उपजे हालात की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। इन घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष और तेज हुआ है, जिससे व्यापक युद्ध की आशंका भी बढ़ गई है।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि हालिया झड़पों के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत हो गई है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन ऐसी खबरों ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।

भारत के रणनीतिक हितों की समीक्षा

सीसीएस भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों की सर्वोच्च संस्था है, जिसमें प्रधानमंत्री के साथ रक्षा, गृह, विदेश और वित्त मंत्री शामिल होते हैं। मौजूदा बैठक को भारत के रणनीतिक हितों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चर्चा में खाड़ी क्षेत्र, खासकर यूएई और अन्य देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्रमुख मुद्दा है। इसके अलावा ऊर्जा आपूर्ति, कच्चे तेल की कीमतों पर संभावित असर, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और भारत की कूटनीतिक स्थिति पर भी मंथन किया जा रहा है।

इमरजेंसी प्लान और वैश्विक समन्वय

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए इमरजेंसी निकासी योजना पर भी विचार किया जा सकता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ समन्वय और बदलते हालात के अनुरूप कूटनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

तेल की कीमतों में संभावित उछाल और उसके घरेलू अर्थव्यवस्था पर असर को देखते हुए वित्तीय रणनीति पर भी मंथन किया जा रहा है।

संतुलित रुख पर कायम भारत

मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत ने अब तक संतुलित और संयमित रुख अपनाया है। भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की अपील करते हुए अपने नागरिकों और आर्थिक हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी है।

सीसीएस की यह बैठक वैश्विक तनाव के बीच सुरक्षा समीक्षा की श्रृंखला की ताजा कड़ी मानी जा रही है। आने वाले दिनों में भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक दिशा इसी मंथन के आधार पर तय हो सकती है।

Shera Rajput