लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को मांग की कि मतों की गिनती के दौरान सभी ‘वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपीएटी) की गिनती की जानी चाहिए। वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोग मांग कर रहे हैं कि आगामी चुनाव ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की जगह मतपत्रों का उपयोग करके कराया जाए।
- मुद्रित पर्ची अपने आप कटकर वीवीपीएटी के सीलबंद डिब्बे में
- शत प्रतिशत वीवीपीएटी की गिनती करें
- वीवीपीएटी ईवीएम से जुड़ी एक स्वतंत्र प्रणाली
वीवीपीएटी की गिनती की जानी चाहिए
खरगे ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हम शुरू से यह मांग कर रहे हैं… आप शत प्रतिशत वीवीपीएटी की गिनती करें, यही हमारी मांग है। आप सिर्फ कुछ वीवीपीएटी की गिनती कर रहे हैं। हम मांग कर रहे हैं कि सभी वीवीपीएटी की गिनती की जानी चाहिए। यह जानना बहुत आसान होगा। इसमें ज्यादा खर्चा नहीं आएगा।
मुद्रित पर्ची अपने आप कटकर वीवीपीएटी के सीलबंद डिब्बे में
वीवीपीएटी ईवीएम से जुड़ी एक स्वतंत्र प्रणाली है, जो मतदाताओं को यह सत्यापित करने की अनुमति देती है कि उसने जिसे मत दिया है, वह उसी को पड़ा है। जब वोट डाला जाता है, तो एक पर्ची मुद्रित होती है, जिसमें उम्मीदवार का क्रमांक, नाम और चुनाव चिह्न होता है और सात सेकंड के लिए एक पारदर्शी खिड़की के माध्यम से नजर आता है। इसके बाद यह मुद्रित पर्ची अपने आप कटकर वीवीपीएटी के सीलबंद डिब्बे में गिर जाती है।


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