‘बहुत हो चुका, NEET बैन करो’: संसद में DMK सांसद दयानिधि मारन, कहा- 93 छात्रों की मौत का जिम्मेदार नीट

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डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने लोकसभा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को तुरंत रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नीट के तनाव और असमान व्यवस्था के कारण देशभर में अब तक दर्जनों गरीब छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हुए हैं।

MK Demand To Ban NEET

MK Demand To Ban NEET : DMK के वरिष्ठ नेता और सांसद दयानिधि मारन ने मंगलवार को लोकसभा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को पूरी तरह से खत्म करने की जोरदार मांग उठाई। संसद में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के तनाव के कारण देशभर में अब तक दर्जनों छात्र आत्महत्या कर चुके हैं।

मारन ने जोर देकर कहा कि जब पूरे देश में शिक्षा का ढांचा एक समान नहीं है, तो सभी छात्रों के लिए एक ही राष्ट्रीय परीक्षा थोप देना सरासर अन्याय है। उन्होंने मांग की कि नीट को तुरंत रद्द किया जाए।

नीट के दबाव में छात्रों की मौतों का आंकड़ा रखा

दयानिधि मारन ने संसद में आंकड़े पेश करते हुए कहा, “देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव में अब तक 107 छात्रों ने अपनी जान दी है, जिनमें से 93 मामले सीधे नीट से जुड़े हैं।”

उन्होंने बताया कि अकेले तमिलनाडु में 26 छात्रों ने नीट के दबाव में आकर खुदकुशी की है, जबकि स्पीकर के संसदीय क्षेत्र कोटा में 40 छात्रों की जान जा चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पंखों में स्प्रिंग लगाने या नया कानून बनाने से समस्या का हल नहीं होगा, क्योंकि असली दिक्कत नीट का डिजाइन ही है।

DMK ने लगाया आरोप

डीएमके सांसद ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा अब सिर्फ कोचिंग सेंटरों का धंधा बनकर रह गई है। इससे गरीब, ग्रामीण और पहली पीढ़ी के उन छात्रों का सपना टूट रहा है जो डॉक्टर बनना चाहते हैं। उन्होंने 2017 की दलित छात्रा अनीता का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में टॉपर होने के बावजूद कोचिंग न मिल पाने के कारण उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने याद दिलाया कि तमिलनाडु विधानसभा में नीट को हटाने का बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था, लेकिन राज्यपाल ने उसे रोक कर रखा।

लोकसभा में सख्त कानून में संशोधन पर चर्चा

उल्लेखनीय है कि लोकसभा में दोपहर 2 बजे से परीक्षा में धांधली और पेपर लीक रोकने वाले संशोधन विधेयक पर बहस शुरू हुई। इस नए बिल में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर सजा को बढ़ाकर 5 से 10 साल और जुर्माने की रकम को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं संगठित अपराधों के लिए जुर्माना 10 करोड़ रुपये तक करने और स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए 3 महीने में ट्रायल पूरा करने का प्रावधान रखा गया है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।