नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने स्वास्थ्य सप्लीमेंट्स और न्यूट्रास्यूटिकल्स बनाने वाली कंपनी रीहान हेल्थकेयर का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। निरीक्षण के दौरान कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
नियामक ने कंपनी को सभी खाद्य कारोबार और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि सभी कमियों को दूर कर सक्षम प्राधिकारी से अनुपालन का सत्यापन होने तक उत्पादन दोबारा शुरू नहीं किया जा सकेगा।
एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान गंभीर स्तर की अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद कंपनी का लाइसेंस निलंबित किया गया। नियामक ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी निलंबन आदेश का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
खाद्य नियामक के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को कुल मिलाकर केवल 12 प्रतिशत अनुपालन स्कोर मिला, जो खाद्य सुरक्षा नियमों के बेहद गंभीर उल्लंघन और प्रावधानों के पालन में भारी विफलता को दर्शाता है।
एफएसएसएआई ने बताया कि फैक्ट्री परिसर अत्यंत अस्वच्छ और अव्यवस्थित पाया गया। मैन्युफैक्चरिंग टैंकों के नीचे गंदगी और कीचड़ जमा था, कच्चे माल का भंडारण बेतरतीब तरीके से किया गया था और हाउसकीपिंग की स्थिति बेहद खराब थी। इससे खाद्य उत्पादों में क्रॉस-कंटैमिनेशन का गंभीर खतरा पैदा हो रहा था।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि यूनिट में स्टोरेज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, कार्यस्थल सीमित था, वेंटिलेशन और रोशनी की व्यवस्था कमजोर थी, इमारत के कई हिस्से क्षतिग्रस्त थे, कीटों का प्रकोप था और पीने के पानी की जांच से संबंधित वैध रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी।
एफएसएसएआई ने कहा कि यह यूनिट हेल्थ सप्लीमेंट्स और न्यूट्रास्यूटिकल्स जैसे उच्च जोखिम वाली खाद्य श्रेणी के उत्पाद बनाती है, जिनका सेवन बच्चों और अन्य संवेदनशील वर्गों द्वारा भी किया जाता है। ऐसे में फैक्ट्री की अस्वच्छ स्थिति और खाद्य सुरक्षा नियंत्रणों की विफलता सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर और तत्काल खतरा पैदा करती है।
नियामक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उत्पादन क्षेत्र में मकड़ी के जाले, फफूंदी, मक्खियां, अन्य कीड़े-मकोड़े और खुले में पड़ा खाद्य अपशिष्ट भी मिला। कंपनी डाइजेस्टिव सिरप, मल्टीविटामिन सिरप और अन्य सिरप आधारित खाद्य उत्पादों का निर्माण करती है।
एफएसएसएआई ने कहा कि हाल के महीनों में उसने खाद्य एवं पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ भ्रामक दावों, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने के मामलों में कार्रवाई तेज की है। इस अभियान के तहत कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भी नोटिस जारी किए गए हैं। नियामक के अनुसार, ये कार्रवाइयां उपभोक्ताओं की शिकायतों, स्वतः संज्ञान और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा किए गए नियमित निरीक्षण के आधार पर की जा रही हैं।
–आईएएनएस
डीबीपी
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