द्वितीय विश्व युद्ध के पीड़ितों की मदद करेंगे मणिपुर के सीएम, शहीदों को किया याद

इंफाल, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार को लोगों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बंद और व्यवधानों का सबसे ज्यादा असर दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों और आम जनता पर पड़ता है, इसलिए सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने ये बातें इम्फाल पूर्व के खुराई चिंगांगबाम लेइकाई में एक स्मारक शिला के अनावरण के दौरान कहीं। यह स्मारक 20 अप्रैल 1943 को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए जापानी हवाई हमले में जान गंवाने वालों की याद में स्थापित किया गया है। इस वर्ष इस घटना की 83वीं बरसी मनाई गई।

7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में हुए बम हमले का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि इस मामले को सरकार बेहद गंभीरता से ले रही है। इस हमले में दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई थी और उनकी मां घायल हुई थी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर संयुक्त कार्रवाई समिति के साथ दो दौर की बैठकें हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवार की मांगों को स्वीकार किया है और मृतक बच्चों के माता-पिता को सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव रखा गया है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि देते हुए सिंह ने कहा कि खुराई चिंगांगबाम मंडप पर हुए हवाई हमले में 100 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिसने मणिपुर समाज पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने उपस्थित लोगों के साथ दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए तर्पण भी किया।

इम्फाल की ऐतिहासिक लड़ाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मित्र राष्ट्रों और जापानी सेना के बीच हुए इस युद्ध में 20,000 से अधिक लोगों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमें इतिहास के दुखद अध्यायों की याद दिलाते हैं।

स्मारक स्थल को विरासत स्थल घोषित करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पर विचार करेगी। इस अवसर पर एक स्मारक स्मारिका भी जारी की गई।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने इम्फाल के न्यू चेकॉन में महिला बाजार शेड के निर्माण का शिलान्यास भी किया, जिससे स्थानीय ढांचे को मजबूत करने और महिला विक्रेताओं को बेहतर सुविधाएं देने में मदद मिलेगी।

इस कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री खुराईजम लोकेन सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति, समिति के सदस्य और द्वितीय विश्व युद्ध इम्फाल अभियान फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

–आईएएनएस

डीएससी

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