‘मन की बात’ संचार का एक सशक्त माध्यम है : हरियाणा के मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को संचार का एक सशक्त माध्यम बताते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को गुरुग्राम में इसे सुना।

कार्यक्रम से पहले, मुख्यमंत्री ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री सैनी ने ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ में भी शिरकत की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संवाद स्थापित करना है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से, प्रधानमंत्री मोदी हर महीने सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

मुख्यमंत्री सैनी ने आगे कहा कि सरकारी नीतियों और पहलों को नागरिकों तक पहुंचाना और उनकी प्रतिक्रिया को समझना भी इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री और आम जनता के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है।

उन्होंने कहा, “इस कार्यक्रम के माध्यम से, पूरे देश से सकारात्मक प्रयासों, सामाजिक नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियों को उजागर किया जाता है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देती हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मासिक रेडियो कार्यक्रम विशेष रूप से युवाओं को नवाचार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा, “‘मन की बात’ न केवल विचारों को दिशा प्रदान करता है, बल्कि नागरिकों को विकास, सेवा और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश भी देता है।”

इस मुद्दे पर बात करते हुए, राज्य के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा 1857 के विद्रोह का उल्लेख किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण था।

इस ऐतिहासिक आंदोलन की स्मृति में, अंबाला छावनी में लगभग 700 करोड़ रुपए की लागत से एक भव्य ‘शहीद स्मारक’ का निर्माण किया जा रहा है।

यह स्मारक 10 मई, 1857 को शुरू हुए स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम को, साथ ही पूरे देश में किए गए संघर्षों और बलिदानों को जीवंत रूप से चित्रित करता है।

इसमें अंबाला, मेरठ, झांसी और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख स्थानों के साथ-साथ रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे महान योद्धाओं के योगदान को भी प्रदर्शित किया गया है।

उन्होंने कहा कि 1857 के कई नायकों को इतिहास में वह उचित पहचान और श्रद्धांजलि नहीं मिली जिसके वे हकदार थे।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए, स्मारक के भीतर एक विशेष ‘श्रद्धांजलि क्षेत्र’ बनाया गया है, जहां आगंतुक उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे जिन्हें लंबे समय तक भुला दिया गया था। मंत्री विज ने उम्मीद जताई कि ‘शहीद स्मारक’ का उद्घाटन जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जाएगा।

–आईएएनएस

एससीएच

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