मैसूर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने दावा किया कि कांग्रेस की गारंटी योजनाओं ने राज्य की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह कमजोर कर दिया है, जिससे कर्नाटक और अन्य राज्य वित्तीय संकट की ओर धकेले जा रहे हैं।
मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद कुमारस्वामी ने कहा कि महिलाओं को 2,000 रुपए देना फायदेमंद लग सकता है, लेकिन लोगों को यह देखना चाहिए कि सरकार इसके लिए पैसा कहां से ला रही है।
श्रीलंका के आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन से कर्नाटक का भी वैसा ही हाल हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन गारंटी योजनाओं के लिए भारी कर्ज ले रही है। इस सरकार पर पहले ही 7.26 लाख करोड़ रुपए का कर्ज जमा हो चुका है। इससे राज्य के 6.3 करोड़ लोगों में से हर एक पर कम से कम एक लाख रुपए का बोझ पड़ गया है।
एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि वे किसी भी मंच पर इस दावे पर बहस करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने राज्य सरकार को चुनौती दी कि अगर उसमें हिम्मत है तो वह चर्चा के लिए आगे आए।
उन्होंने कहा कि इन गारंटी योजनाओं के असर से राज्य का खजाना खाली हो गया है। सरकार को अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में भी मुश्किल हो रही है। इसी तरह, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार, जो गारंटी के वादे पर सत्ता में आई थी, उसने भी उस राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है।
एच.डी. कुमारस्वामी ने दावा किया कि मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि मुख्य सचिव समेत अधिकारियों के वेतन में कटौती की गई है और इस बात पर चिंता जताई कि कर्नाटक को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। नगद सहायता की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या महिलाओं को दिए गए 2,000 रुपए से किसी परिवार का गुजारा चल सकता है?
उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही सरकार ‘गृह लक्ष्मी’ जैसी योजनाओं के तहत पैसे दे रही हो, लेकिन बढ़ती कीमतें और बढ़े हुए टैक्स परिवारों की आमदनी को कम कर रहे हैं। साथ ही, सरकार बहुत ज्यादा कर्ज ले रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियों पर बोझ पड़ रहा है।
कुमारस्वामी ने बसावनपुरा, गेरादादा और केंचनहल्ली गांवों में श्री मेलानकाट्टे गणपति मंदिर के उद्घाटन में हिस्सा लिया और होसाहागराहारा में श्री बसवेश्वर स्वामी मंदिर में गोपुरम के उद्घाटन और प्राण-प्रतिष्ठा समारोहों में भी शामिल हुए। उन्होंने इन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना भी की।
गणपति मंदिर के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि मंदिर का उद्घाटन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है और यह कार्यक्रम, जिसमें पूर्व मंत्री एस.आर. महेश भी उनके साथ शामिल हुए, आध्यात्मिक रूप से अत्यंत संतोषजनक रहा। उन्होंने कहा कि प्रकृति के सानिध्य में स्थित यह मंदिर मन को शांति और भक्ति का अनुभव कराता है।
–आईएएनएस
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