यूपी : महिलाओं का मजबूत सहारा बनी 181 हेल्पलाइन, 2025-26 में शिकायतों का सौ फीसदी निस्तारण

लखनऊ, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तीकरण शीर्ष प्राथमिकता पर है। इसी दिशा में संचालित 181 महिला हेल्पलाइन प्रदेश की महिलाओं के लिए संकट के समय मजबूत सहारा बनकर उभरी है।

वर्ष 2025-26 में इस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण एक बड़ी उपलब्धि है, जो नारी की गरिमा व सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता दर्शाती है।

आंकड़ों पर नजर डाले तो महिला हेल्पलाइन 181 पर 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 85 हजार से ज्यादा शिकायतें आई। इनमें अधिसंख्य शिकायतें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर क्राइम, मारपीट से जुड़ी थीं। कुछ ऐसे भी मामले थे, जिनमें महिलाओं ने अस्पताल में इलाज के लिए या जमीन-जायदाद से जुड़े प्रकरणों में मदद मांगी।

राशन दिलाने में मदद के लिए भी कई महिलाओं ने हेल्पलाइन से संपर्क किया। ये सभी मामले निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को ट्रांसफर किए गए। उल्लेखनीय यह है कि हेल्पलाइन इन सभी मामलों का संतुष्टिपरक निस्तारण करने में सफल रही।

किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए महिलाएं इस हेल्पलाइन से सीधे संपर्क कर सकती हैं। शिकायत के मामले 2 मिनट के भीतर संबंधित वन स्टॉप सेंटर को ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। इसके बाद संबंधित जनपद में स्थापित डैशबोर्ड के माध्यम से तैनात महिला कर्मचारी पीड़िता से संपर्क कर उसकी समस्या को समझती है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराती है।

यह हेल्पलाइन 24×7 सक्रिय रहती है, जहां घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को त्वरित सहायता मिलती है। साथ ही पीड़ित महिलाओं को मनोवैज्ञानिक, कानूनी और सामाजिक सहयोग भी प्रदान किया जाता है।

योगी सरकार के कार्यकाल में इस सेवा का दायरा और प्रभाव लगातार बढ़ा है। तेज निस्तारण, संवेदनशील कार्यप्रणाली और तकनीकी सुदृढ़ता के जरिए 181 महिला हेल्पलाइन आज प्रदेश की महिलाओं के सशक्तीकरण की एक मजबूत कड़ी बन चुकी है, जो हर महिला को सुरक्षा और सम्मान का भरोसा दिला रही है।

महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 181 महिला हेल्पलाइन इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आई है, जिसके जरिए महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

–आईएएनएस

एसके/एबीएम

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