प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने फोन पर की बातचीत, पश्चिम एशिया की स्थिति पर हुई चर्चा

Summary :

Hormuz Strait Crisis: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 16 अप्रैल को पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच होर्मुज में चल रहे तनाव को तत्काल बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया। पीएम मोदी ने मैक्रों के साथ हुई बातचीत के बारे में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे।” इससे पहले, मोदी और मैक्रों ने पांच मार्च को फोन पर बात की थी तथा पश्चिम एशिया की…

Hormuz Strait Crisis: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 16 अप्रैल को पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच होर्मुज में चल रहे तनाव को तत्काल बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया। पीएम मोदी ने मैक्रों के साथ हुई बातचीत के बारे में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे।” इससे पहले, मोदी और मैक्रों ने पांच मार्च को फोन पर बात की थी तथा पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी ”साझा चिंताओं” और संवाद तथा कूटनीति की ओर लौटने की आवश्यकता पर चर्चा की थी।

Hormuz Strait Crisis
Hormuz Strait Crisis

होर्मुज में शांति और स्थिरता को बढ़ाने पर जोर

मोदी ने पोस्ट में कहा, ”मुझे मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फोन किया। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को तत्काल बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।” उन्होंने कहा, ”हम इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे।”भारत लगातार यही कहता रहा है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।

Hormuz Strait Crisis: अमेरिका-इजरायल का ईरान पर भीषण हमला

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, जिसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी। तब से प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के कई नेताओं से बात की है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बीच, भारत ने बुधवार को व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के लिए अपील की थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि व्यापारिक जहाजों पर हमले ”पूरी तरह से अस्वीकार्य” हैं।

Hormuz Strait Crisis

ALSO READ: महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष दे रहा समर्थन, मगर परिसीमन पर छिड़ी रार, जानिए कहां फंस सकती है सरकार

Rahul Kumar Rawat