मिडिल ईस्ट संकट से भारत में LPG की किल्लत! अयोध्या की श्री राम रसोई, दिल्ली हाईकोर्ट कैंटीन समेत ट्रेन के मेन्यू पर पड़ा असर

LPG Gas Shortage in India (image: social media)

LPG Gas Shortage in India: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। रसोई गैस यानी एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई शहरों में गैस सिलेंडर की कमी के कारण घरों से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक कैंटीन तक प्रभावित हो रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि संसद में भी इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा और लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला।

LPG Gas Shortage in India: संसद में उठा एलपीजी संकट का मुद्दा

बुधवार को लोकसभा में रसोई गैस की कमी को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का कहना है कि गैस की कमी से देश के कई हिस्सों में आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए बाधित हो गई। विपक्ष ने सरकार से गैस की सप्लाई को तुरंत सामान्य करने की मांग की है।

अयोध्या में ‘श्री राम रसोई’ का भोजन वितरण बंद

एलपीजी की कमी का असर धार्मिक स्थलों तक भी पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के पास अमावा मंदिर में चलने वाली ‘श्री राम रसोई’ में गैस की कमी के कारण भोजन वितरण अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता था, लेकिन गैस उपलब्ध नहीं होने से यह सेवा फिलहाल बंद करनी पड़ी है।

दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में मेन कोर्स बंद

दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में वकीलों के लिए चलने वाली कैंटीन भी गैस की कमी से प्रभावित हुई है। कैंटीन में एलपीजी खत्म होने के कारण मेन कोर्स के व्यंजन बनाना बंद करना पड़ा है। कैंटीन प्रबंधन ने कहा कि जब तक गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सिर्फ हल्के खाद्य पदार्थ जैसे सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट ही उपलब्ध रहेंगे।

होटलों और रेस्टोरेंट्स पर भी पड़ा असर

गैस की कमी का असर देश के कई शहरों के होटल और रेस्टोरेंट पर भी दिखाई दे रहा है। मुंबई के कई होटलों को अपनी कैंटीन बंद करनी पड़ी है या फिर मेन्यू को सीमित करना पड़ा है। वहीं चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कई होटलों ने कर्मचारियों को छुट्टी दे दी है।

चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड स्थित एक होटल मालिक ने बताया कि गैस की कमी के कारण उन्होंने डोसे की कई किस्मों को मेन्यू से हटा दिया है। फिलहाल इडली, सांभर और वड़ा जैसे सीमित व्यंजन ही तैयार किए जा रहे हैं, जबकि दोपहर और रात के खाने में मुख्य रूप से चावल से बने व्यंजन परोसे जा रहे हैं।

ट्रेन के खाने पर भी पड़ सकता है असर

एलपीजी संकट का असर रेलवे की कैटरिंग सेवा पर भी पड़ने की आशंका है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने स्टेशनों पर मौजूद कैटरिंग यूनिट्स को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें माइक्रोवेव, इंडक्शन कुकटॉप जैसे उपकरणों का उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर रेडी-टू-ईट भोजन का स्टॉक रखने के लिए कहा गया है।

कई शहरों में एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें

देश के कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। बिहार के कई शहरों, भोपाल और चंडीगढ़ में लोग घंटों लाइन में लगकर सिलेंडर लेने का इंतजार कर रहे हैं। कई जगहों पर ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी काम नहीं कर रहा, जिससे लोगों को सीधे एजेंसी पर जाकर गैस बुक करानी पड़ रही है।

इलेक्ट्रिक कुकिंग अपनाने की सलाह

स्थिति को देखते हुए कुछ होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को सलाह दी है कि वे गैस पर निर्भरता कम करें। इंडक्शन कुकटॉप, हॉट प्लेट और राइस कुकर जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही पैनिक बाइंग से बचने की अपील भी की गई है, क्योंकि इससे संकट और बढ़ सकता है। कुल मिलाकर एलपीजी की कमी का असर अब आम घरों से लेकर धार्मिक संस्थानों, अदालतों, होटलों और रेलवे कैटरिंग तक दिखाई देने लगा है। यदि गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

यह भी पढ़ें: NCERT विवाद में सुप्रीम कोर्ट का सख्त फैसला, ज्यूडीशियल चैप्टर लिखने वालों को प्रतिबंध का निर्देश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Make Punjab Kesari Your Trusted News Source

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।