नौसेना को मिला नया युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’, जल्द समुद्री बेड़े में होगा शामिल

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना में जल्द ही एक नया युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’ शामिल होगा। गुरुवार को इस स्टील्थ फ्रिगेट को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। यह वही जहाज है, जिसे आगे चलकर ‘आईएनएस महेंद्रगिरि’ के रूप में नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस नौसैनिक युद्धपोत का निर्माण भारत में ही किया गया है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूत करते हुए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

कंपनी ने 30 अप्रैल को परियोजना 17ए के तहत निर्मित इस चौथे स्टील्थ फ्रिगेट को भारतीय नौसेना को सौंपा। इस अवसर पर कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन जगमोहन (सेवानिवृत्त) और पूर्वी नौसैनिक कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (तकनीकी) रियर एडमिरल गौतम मारवाहा ने स्वीकृति दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। यह समारोह मझगांव डॉक में आयोजित हुआ।

इस मौके पर कैप्टन जगमोहन ने कहा कि ‘महेंद्रगिरि’ की डिलीवरी भारत के समुद्री जहाज निर्माण के क्षेत्र में एक अहम पड़ाव है। उन्होंने इसे मझगांव डॉक के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह परियोजना टीमवर्क, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता का बेहतरीन उदाहरण है। इस उपलब्धि में मझगांव डॉक, युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो, नौसेना की निगरानी टीम और भारतीय नौसेना के विभिन्न विभागों की अहम भूमिका रही है। इन सभी टीमों ने मिलकर इस जटिल और आधुनिक युद्धपोत को तैयार किया है।

उन्होंने बताया कि ‘महेंद्रगिरि’ केवल एक अत्याधुनिक युद्धपोत नहीं है, बल्कि यह भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता का सशक्त प्रतीक भी है। इसमें आधुनिक युद्धक क्षमताएं शामिल हैं, जो इसे समुद्र में बेहद सक्षम बनाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह जहाज अपने कमांडिंग अधिकारी और चालक दल के लिए गर्व का कारण बनेगा और अपने शानदार प्रदर्शन के साथ देश का नाम ऊंचा करेगा। दरअसल, यह जहाज भारतीय नौसेना की दूरदर्शिता, रक्षा मंत्रालय के सहयोग और देश के जहाज निर्माण तंत्र की दक्षता का प्रतीक है। ‘महेंद्रगिरि’ की डिलीवरी के साथ ही परियोजना 17ए के तहत मझगांव डॉक में बनने वाले सभी जहाजों का निर्माण पूरा हो गया है।

यह उपलब्धि भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता और रक्षा क्षेत्र में मजबूती को दर्शाती है। वहीं गुरुवार को ही भारतीय तटरक्षक बल और इटली की एक प्रमुख जहाज निर्माण कंपनी के बीच नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में इटली से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया, जिसमें कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। यह संवाद भारत की समुद्री सुरक्षा और स्वदेशी क्षमता निर्माण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भविष्य की परियोजनाओं के लिए भारतीय शिपयार्ड्स के साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। खासतौर पर आधुनिक जहाज डिजाइन से जुड़ी तकनीकों पर ध्यान दिया गया। ऊंची समुद्री लहरों में भी टिकाऊ रहने वाले मजबूत ढांचे, अधिक क्षमता, उन्नत अग्निशमन प्रणाली, और हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन प्रणाली आधुनिक जहाज डिजाइन के मुख्य घटक हैं। इन तकनीकों से लैस जहाज न केवल अधिक सुरक्षित होंगे, बल्कि ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी बेहतर साबित होंगे।

इसके साथ ही, मॉड्यूलर शिप डिजाइन की अवधारणा पर भी चर्चा हुई, जिससे एक ही प्लेटफॉर्म को विभिन्न प्रकार के अभियानों के लिए आसानी से अनुकूलित किया जा सके। इससे तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता में लचीलापन और तेजी दोनों बढ़ेंगी। बैठक में स्वदेशी विकास और सह-विकास के तहत उन्नत तकनीकों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इनमें डायनामिक पोजिशनिंग सिस्टम, आधुनिक थ्रस्टर, एआई आधारित प्रणाली, ड्रोन-रोधी तकनीक, और अगली पीढ़ी के हरित प्रोपल्शन समाधान शामिल हैं।

–आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Make Punjab Kesari Your Trusted News Source

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।