Om Birla in LS : विपक्ष के लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के एक दिन बाद आज स्पीकर ओम बिरला ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सदन नियमों के आधार पर संचालित होता है और किसी को भी नियम विरुद्ध जाकर बोलने का अधिकार नहीं है. जब सदन में मर्यादाएं टूटती हैं तो कठोर फैसले लेने पड़ते हैं.
लोकसभा में नेता विपक्ष और अन्य सांसदों के आरोपों पर बिरला ने कहा, कुछ सदस्यों ने कहा कि नेता रोका जाता है. चाहें सदन में नेता (प्रधानमंत्री) हों या नेता विपक्ष हों. सभी सांसदों को सदन में नियमों के तहत बोलने दिया जाता है. नेता विपक्ष किसी भी विषय पर बोल सकते हैं. ये विशेषाधिकार नहीं है. सदन नियमों से चलता है. सदन में जब भी जनहित के किसी मुद्दे को चाहे पीएम हों या मंत्री उठाना चाहते हों तो नियम 370 के तहत स्पीकर से पूर्व अनुमति लेनी पड़ती है.
Om Birla in LS: सदन विचारों जीवंत मंच

उन्होंने अपनी बात में कहा, प्रत्येक सांसद लाखों नागरिकों के जनादेश को लेकर आते हैं. मैंने हमेशा ये प्रयास किया कि सदन के अंदर प्रत्येक सदस्य नियमों और प्रक्रियाओं के तहत अपने विचार व्यक्त करें. सभी सांसदों को समय देने का प्रयास किया. मैंने उन सांसदों को कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया, जो संकोच करते हैं या नहीं बोलते हैं.
मैंने ऐसे सांसदों को अपने चैंबर में बुलाकर उन्हें बात रखने की अपील की. सदन में बोलने से सदन मजबूत होता है. ये सदन विचारों का चर्चा का जीवंत मंच रहा है.सहमति और असहमति की परंपरा रही है.
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने कहा, मैंने हमेशा ये प्रयास किया कि सदन की कार्यवाही निष्पक्षता, अनुशासन और नियमों से चले. जब सांसद मर्यादाएं तोड़ते हैं तो कठोर फैसले लेने पड़ते हैं. सदन में क्या बोलना चाहिए, क्या नहीं बोलना चाहिए, इसका ध्यान रखना चाहिए.
Om Birla in Lok Sabha: आसान व्यक्ति का नहीं संविधान की भावना का प्रतीक

संविधान द्वारा स्थापित संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था में हमारी अटूट आस्था रही. इसके बाद मैंने इसे स्वीकार करते हुए सदन की कार्यवाही से अलग कर लिया. इस चर्चा के दौरान अनेक विचार अनेक भावनाएं सदन के सामने आई. सदन के अंदर सदस्यों की बात को गंभीरता और ध्यान से सुना.
मैं उन्हें समर्थन में विचार रखे हों या आलोचना के रूप में अपने विचार दिए हों सबको धन्यवाद करता हूं. ये आसन किसी व्यक्ति का नहीं ये भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, संविधान की भावना और महान परंपरा का प्रतीक है।
Om Birla News: संसद में आज क्या खास?

इसी बीच संसद में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. लोकसभा स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अब पूरा विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी में जुट गया है. तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष गुरुवार को नोटिस देने की तैयारी कर रहा है, जिस पर लोकसभा के 120 और राज्यसभा के 60 सदस्यों के हस्ताक्षर जुट चुके हैं.
विपक्ष का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में भारी अनियमितताएं हुई हैं और यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है. यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो यह देश में पहली बार होगा जब किसी कार्यरत मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू होगी.


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