PM Modi Indonesia Visit: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के विस्तारवादी रवैये को लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती चिंता के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया की संसद में कहा कि भारत विकास का रास्ता अपनाता है, विस्तारवाद का नहीं। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और वरिष्ठ मंत्रियों सहित सांसदों को संबोधित करते हुए मोदी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि जब भारत के 140 करोड़ लोग और इंडोनेशिया के 29 करोड़ नागरिक मिलकर साझा समृद्धि के लिए आगे बढ़ेंगे तो दुनिया इतिहास बनते हुए देखेगी।

PM Modi on China: पीएम मोदी ने चीन की विस्तारवादी नीति पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा, ”भारत एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत का पुरजोर समर्थक है। भारत हिंद-प्रशांत में नौवहन की स्वतंत्रता में विश्वास करता है।” उन्होंने कहा, ”भारत एक ऐसा देश है जो विकास के रास्ते पर चलता है, विस्तारवाद के नहीं।” यह बात उन्होंने दक्षिण चीन सागर और उसके बाहर चीनी सैन्य ताकत के बढ़ते प्रदर्शन को लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती चिंता के संदर्भ में कही।
Honoured to address the Indonesia Parliament. Do watch.
https://t.co/zapE5i8onx— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत संबंध
मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ”भारत और इंडोनेशिया के लिए, समुद्र कभी भी दूरी पैदा करने वाला नहीं रहा है। यह हमेशा हमारे देशों के बीच एक सेतु रहा है और हमारे साझा भविष्य के केंद्र में बना हुआ है।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”जब भारत और इंडोनेशिया एक साथ खड़े होते हैं, तो वे दुनिया के इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि लोकतंत्र अवसर पैदा करता है, लोकतंत्र विश्वास बनाता है और लोकतंत्र भविष्य को आकार देता है।”

दोनों देशों के बीच गहरे सभ्यतागत और समुद्री संबंधों पर ज़ोर देते हुए, मोदी ने याद दिलाया कि दो हज़ार से ज़्यादा साल से हिंद महासागर ने विचारों, व्यापार, संस्कृति और आस्था के आदान-प्रदान के ज़रिए भारत और इंडोनेशिया को जोड़ा है।
PM Modi Indonesia Visit पीएम मोदी का भव्य स्वागत
मोदी सोमवार को जकार्ता पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। यह उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण था – जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड भी शामिल हैं। भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से सांसदों का अभिवादन करते हुए मोदी ने कहा कि ‘लोकतंत्र की जननी’ के तौर पर भारत, इंडोनेशिया के साथ लोकतांत्रिक संबंध मजबूत करने का इच्छुक है। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ तथा ‘भिन्नेका तुंग्गल इका’ (विविधता में एकता) के साझा आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि यही मूल्य आज भी दोनों देशों की साझेदारी का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
PM Modi Indonesia Visit: दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री ने भारत की विकास यात्रा और ‘विकसित भारत 2047’ तथा ‘गोल्डन इंडोनेशिया 2045’ के दृष्टिकोण के बीच मौजूद सामंजस्य को रेखांकित करते हुए व्यापार, निवेश, संपर्क, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में गहन सहयोग का आह्वान किया।

भारत और इंडोनेशिया क्रमशः 2047 और 2045 में अपनी आज़ादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएंगे। उन्होंने ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ को सशक्त बनाने तथा स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए इंडोनेशिया के साथ मिलकर कार्य करने की भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।























