सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रबल प्रताप ने सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के सामने कागज फेंक दिए थे और गाली भी दी थी अब दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए प्रबल प्रताप और उनके साथी चंद्रभान को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की 132, 221, 224 और 3(5) धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
याचिका की सुनवाई के दौरान अपशब्द कहे

दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी से पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी कार्रवाई शुरू करने से मना कर दिया था और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन और आलोक आराधे की पीठ ने खास अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज करते हुए दर्ज किया कि याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप ने मामला पेश करने के बदले गलत बयान दिए थे। बता दें कि प्रबल प्रताप ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान अपशब्द कहे और भरे कोर्ट में कागज फेंके हवा में फेंके थे जिससे कुछ देर तक सुनवाई टली थी।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप ने लखनऊ के एक सहायक पुलिस आयुक्त और एक निजी कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी और सुनवाई की शुरुआत में न्यायमूर्ति विश्वनाथन की अध्यक्षता वाली पीठ को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय मैं आपको लखनऊ के एसीपी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देता हूं। आदेश की बात के बाद हैरान होकर सर्वोच्च न्यायालय ने जवाब मांगा और कहा कि “क्या आप हमें आदेश दे रहे हैं?” प्रबल प्रताप ने जवाब देते हुए कहा कि मेरी तरफ से बस इतना ही है और बाकी सब कुछ रिकॉर्ड में है।
CJI को गलत शब्द और गाली-गलौज
इस आदेश और जवाब के बाद प्रबल प्रताप ने भरे कोर्ट में कागज हवा में फेंक दिए और CJI को गलत शब्द और गाली-गलौज देना शुरू कर दिया। इस दौरान कोर्ट में अफरा-तफरी और धक्का मुक्की का माहौल बन गया था और सुरक्षाकर्मियों प्रबल प्रताप को कोर्ट से बाहर निकाल दिया था।























