रायपुर : कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा होगा। 17 और 18 मई को वे छत्तीसगढ़ के दौरे पर पहुंच रहे हैं। इस दौरान चार संभागों में चुनावी शंखनाद के साथ कवायदें होगी। माना जा रहा है कि कर्नाटक चुनाव में हार के बाद निराश कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने की कवायदें होगी। राहुल के दौरे में नतीजों के बाद अब राजनीतिक हमले भी होंगे।
वहीं सत्ताधारी दल की कोशिशें भी घेरेबंदी की नजर आ रही है। राहुल के कार्यक्रमों में प्रशासनिक अड़ंगे से राजनीति गरमाई हुई है। राहुल प्रदेश में चार राज्यों के पंचायती राज सम्मेलन में शिरकत करेंगे। वहीं दूसरी ओर सरगुजा अंचल में किसान सम्मेलन के साथ बिलासपुर संभाग में आदिवासी सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके लिए संगठन ने व्यापक पैमाने पर तैयारियां की है। इसके अलावा संगठनात्मक कवायदों में वे बिलासपुर संभाग के साथ दुर्ग संभाग के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे। इस संवाद के दौरान प्रदेश के नेताओं को अलग-थलग रखा जाएगा।
संगठन की चुनावी तैयारियों के लिहाज से कार्यकर्ताओं के साथ होने वाली सीधी बात को अहम माना जा रहा है। प्रदेश में चार संभागों के कार्यक्रमों के साथ उनका एक मेगा रोड शो भी प्रस्तावित है। मेगा रोड शो को लेकर संबंधित रूट के लिए अभी अनुमति नहीं मिली है। इस मामले में प्रशासनिक अफसरों के साथ चर्चा विफल रही है। इसलिए भी गतिरोध बना हुआ है।
कर्नाटक चुनाव में सफलता को लेकर कांग्रेस के अपने दावे थे। एक और राज्य फिसलने के बाद कार्यकर्ताओं की हौसला आफजाई के लिए भी शीर्ष नेताओं को मशक्कतें करनी पड़ सकती है। राज्य में एक तरह से राहुल की मौजूदगी में चुनावी शंखनाद होगा। इसके बावजूद कार्यक्रमों में प्रशासनिक अड़ंगे को लेकर कई तरह की आशंकाएं भी नजर आने लगी है।
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