RBI on Digital Fraud : यह हैरान करने वाली बात है कि डिजिटल फ्रॉड के चलते देश भर के 25 लाख भारतीयों ने 2 लाख 38 हजार करोड़ रूपए स्वाहा हो गए हैं. डिजिटल फ्रॉड के मामलों में इस तरह के आंकड़ों ने RBI को चौंका दिया है, जिस चलते उसे इस मामलें में दखल देनी पड़ गई है.
RBI on Digital Fraud: फ्रॉड रोकने के लिए ये कदम उठा रहा RBI
बीबीसी के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में जारी एक डिस्कशन पेपर में, RBI ने कहा कि वह इस समस्या से निपटने के लिए कई उपायों पर विचार कर रहा है.
इसके लिए अकाउंट-टू-अकाउंट ट्रांजैक्शन में पेमेंट करने वाले की तरफ से एक घंटे की देरी, और समाज के कमजोर वर्गों, जैसे कि बुजुर्गों, द्वारा किए जाने वाले ज्यादा रकम के डिजिटल पेमेंट्स के लिए किसी “भरोसेमंद व्यक्ति” द्वारा एडिशनल ऑथेंटिकेशन शामिल हैं.
इस पेपर में कस्टमर अकाउंट्स में बड़ी रकम जमा होने पर लगाई जाने वाली सीमाओं और उनकी समीक्षा के बारे में भी बात की गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये ‘म्यूल’ (पैसे के गैर-कानूनी ट्रांजैक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले अकाउंट्स) न हों.
साथ ही, लोगों को डिजिटल पेमेंट्स को चालू या बंद करने और कार्ड्स की तरह ही ट्रांजैक्शन की सीमाएं तय करने का ज्यादा कंट्रोल देने की बात भी कही गई है.
Indians Lost More than 2 Lakh Crore to Digital Fraud: सरकार की कोशिशें जारी

दरअसल, साल दर साल डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है. बताया जा रहा है की 2022 के मुकाबले 2025 में डिजिटल फ्रॉड के मामलों में 4300 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसे लेकर सरकार से लेकर RBI अपने स्तर पर कम करने की कोशिश में लगी है.
हाल में डिजिटल अरेस्ट से जुड़े बढ़ते साइबर अपराधों पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल की है. गृह मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्यव केंद्र (14 C) की ओर से दाखिल इस रिपोर्ट में दूरसंचार कंपनियों, बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने के साथ साथ ठगी रोकने के लिए ठोस तकनीकी और कानूनी कदम सुझाए गए हैं.
रिपोर्ट में सबसे अहम् प्रस्ताव बायोमीट्रिक आइडेंटिटी सिस्टम को लागू करने का है. इसके तहत देशभर में एक व्यक्ति को जारी सभी सिम कार्ड को रियल टाइम में ट्रैक करना संभव होगा. इसके अलावा एक व्यक्ति द्वारा अलग अलग कंपनियों से की सिम लेने की प्रिवृति पर रोक लगाने के लिए प्राइमरी सिम से अनुमत का भी प्रस्ताव रखा गया है.
Digital Fraud in India 2025: बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट के मामले

बता दें, देश भर में डिजिटल अरेस्ट के मामले दिनोंदिन बढ़ रहे हैं. ठगने के लिए धोखेबाज हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. इसके लिए म्यूल अकाउंट से पैसे ठगे जा रहे हैं. धोखेबाज व्हाट्सएप के जरिए फोन कर बुजुर्गों को अपना आसान निशाना बनाते हैं. हालाँकि बड़े से बड़े टैक फ्रेंडली भी उनके जाल में कभी कभी फंस जाते हैं और धोखेबाज उनकी गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ़ कर निकल जाते हैं.
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