भारतीय निकला साजिद अकरम, तेलंगाना पुलिस ने की पुष्टि; ऑस्ट्रेलिया में ली थी कई लोगों की जान

Summary :

Sajid Akram: भारत में तेलंगाना पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि सिडनी के बोंडी बीच पर गोली चलाने वाला साजिद अकरम असल में भारत के हैदराबाद का रहने वाला था और 1998 में ऑस्ट्रेलिया चला गया था। साजिद अकरम के पास भारतीय पासपोर्ट था, लेकिन उसका बेटा नवीद ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। Bondi Beach Sydney Shooter Update: रविवार को दहल उठा था बॉन्डी बीच ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार को हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले को लेकर तेलंगाना पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने प्रेस नोट…

Sajid Akram: भारत में तेलंगाना पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि सिडनी के बोंडी बीच पर गोली चलाने वाला साजिद अकरम असल में भारत के हैदराबाद का रहने वाला था और 1998 में ऑस्ट्रेलिया चला गया था। साजिद अकरम के पास भारतीय पासपोर्ट था, लेकिन उसका बेटा नवीद ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है।

Bondi Beach Sydney Shooter Update: रविवार को दहल उठा था बॉन्डी बीच

Sajid Akram
Sajid Akram

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार को हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले को लेकर तेलंगाना पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने प्रेस नोट में बताया कि हनुक्का उत्सव के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी करने वाले दो हमलावरों में से एक 50 वर्षीय साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था, जो करीब 27 साल पहले ऑस्ट्रेलिया चला गया था।

Telangana Police Update: हमले में 15 निर्दोष लोगों की मौत हुई

बता दें कि इस भीषण हमले में 10 साल की बच्ची और 87 वर्षीय बुजुर्ग समेत कुल 15 निर्दोष लोगों की मौत हो गई। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने इस घटना को आईएसआईएस (ISIS) विचारधारा से प्रेरित आतंकवादी हमला करार दिया है। हमले को साजिद अकरम और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम ने अंजाम दिया। जवाबी कार्रवाई में एक हमलावर मारा गया।

तेलंगाना पुलिस का अकरम पर बड़ा अपडेट

Telangana Police
Telangana Police

तेलंगाना डीजीपी के अनुसार, साजिद अकरम ने हैदराबाद से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की थी और नवंबर 1998 में रोजगार की तलाश में ऑस्ट्रेलिया गया था। वहां उसने यूरोपीय मूल की महिला वेनेरा ग्रोसो से शादी की और स्थायी रूप से वहीं बस गया। उसका बेटा नवीद और एक बेटी ऑस्ट्रेलिया में ही पैदा हुए और वे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं। साजिद अकरम अब भी भारतीय पासपोर्ट धारक है।

Bondi Beach Sydney Shooter: 27 वर्षों पहले छोड़ दिया था हैदराबाद

पुलिस ने बताया कि पिछले 27 वर्षों में साजिद का हैदराबाद में अपने रिश्तेदारों से संपर्क बेहद सीमित रहा। वह केवल छह बार संपत्ति या पारिवारिक कारणों से भारत आया था। यहां तक कि अपने पिता के निधन के समय भी वह भारत नहीं आया। हैदराबाद में रहने वाले उसके परिजनों ने उसकी किसी भी तरह की कट्टरपंथी सोच या गतिविधियों की जानकारी होने से इनकार किया है।

तेलंगाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि 1998 में भारत छोड़ने से पहले साजिद अकरम के खिलाफ कोई आपराधिक या प्रतिकूल रिकॉर्ड नहीं था। पुलिस का मानना है कि साजिद और उसके बेटे के कट्टरपंथी बनने का भारत या तेलंगाना के किसी स्थानीय प्रभाव से कोई संबंध नहीं है।

Sajid Akram: फिलीपींस यात्रा और ‘मिलिट्री ट्रेनिंग’ का शक

जांच में एक और अहम खुलासा हुआ है। हमले से कुछ ही हफ्ते पहले साजिद अकरम और उसका बेटा फिलीपींस गए थे। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों 1 नवंबर से 28 नवंबर के बीच फिलीपींस में थे और आशंका है कि उन्होंने वहां ‘मिलिट्री-स्टाइल ट्रेनिंग’ ली। इस यात्रा के दौरान साजिद अकरम ने भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल किया, जबकि उसके बेटे नवीद ने ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट पर यात्रा की। मामले की जांच ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियां कर रही हैं और भारतीय एजेंसियां भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही हैं।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।