Supreme Court के वकीलों पर खतरा! वकील ने पत्र लिखकर की कार्रवाई की मांग, जानें क्या है पूरा मामला

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Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट के परिसर में आवारा कुत्तों (Street Dogs) की मौजूदगी ने वकीलों और लोगों के लिए गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक शर्मा ने रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले वकीलों और मीडिया कर्मियों को डॉग बाइट का खतरा है। वकील ने पत्र में क्या लिखा? सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वकील अभिषेक शर्मा ने रजिस्ट्रार को लिखे पत्र में कहा, “यह अत्यंत चिंताजनक है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आधिकारिक निर्देश में आवारा कुत्तों (Street Dogs) को शेल्टर…

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट के परिसर में आवारा कुत्तों (Street Dogs) की मौजूदगी ने वकीलों और लोगों के लिए गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक शर्मा ने रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले वकीलों और मीडिया कर्मियों को डॉग बाइट का खतरा है।

वकील ने पत्र में क्या लिखा?

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वकील अभिषेक शर्मा ने रजिस्ट्रार को लिखे पत्र में कहा, “यह अत्यंत चिंताजनक है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आधिकारिक निर्देश में आवारा कुत्तों (Street Dogs) को शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया गया है। इसके बावजूद आवारा कुत्ते कोर्ट परिसर में ही खुलेआम घूमते रहते हैं। हाल ही में उनकी यात्रा के दौरान कोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों का झुंड देखा गया, जिनकी तस्वीरें भी उन्होंने खींचीं।”

इन लोगों के लिए भी खतरा बताया

street dogs
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शर्मा ने कहा, “यह न केवल प्रशासनिक चूक है, बल्कि यह वकीलों, मुवक्किलों, कोर्ट कर्मचारियों, मीडियाकर्मियों और आम जनता के लिए खतरा है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इन कुत्तों से जोखिम है, क्योंकि देशभर में कुत्तों (Street Dogs) के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।”

Court के आदेशों की अवमानना

उन्होंने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेशों के बावजूद, जो आवारा कुत्तों (Street Dogs) को आश्रय स्थलों में भेजने का निर्देश देते हैं, परिसर में इनकी मौजूदगी कोर्ट के आदेशों की अवमानना है। यह कोर्ट की गरिमा और उसके आदेशों की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।

Court परिसर से भी भेजा जाए

वकील अभिषेक शर्मा ने मांग की है कि कोर्ट परिसर (Supreme Court) से सभी आवारा कुत्तों (Street Dogs) को तुरंत आश्रय स्थलों में भेजा जाए। सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएं। साथ ही, परिसर में स्थायी निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। उन्होंने अपने पत्र के साथ कुत्तों की तस्वीरें भी भेजी हैं और उम्मीद जताई है कि कोर्ट की सुरक्षा और सम्मान के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।

जल्द से जल्द उठाना शुरू करें

street dogs
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में साफ कहा है कि दिल्ली-एनसीआर के हर इलाके से आवारा कुत्तों (Street Dogs) को उठाना शुरू किया जाए और उन्हें किसी अन्य सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जाए। इस प्रक्रिया में किसी भी संगठन या व्यक्ति की ओर से बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ता दिख रहा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी गई थी, जिनमें से अधिकतर हिंदू थे। इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ वर्षों पुरानी सिंधु जल संधि को स्थगित करने का निर्णय लिया और आतंक के खिलाफ कड़ा संदेश देने के लिए 7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। जवाब में पाकिस्तान ने भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन उसे नाकामी हाथ लगी। अंततः 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू हुआ।

इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान की सियासत में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भारत को खुलेआम युद्ध की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर भारत सिंधु जल संधि को स्थगित रखता है और डैम बनाना जारी रखता है, तो पाकिस्तान युद्ध करेगा। भुट्टो ने आगे कहा कि पाकिस्तान की जनता इतनी ताकतवर है कि वह भारत का मुकाबला कर सकती है और “6 के 6 दरिया वापस ले सकती है।” उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी आवाज़ उठाने की अपील की।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।