पंजाब के भिसिआना वायु सेना स्टेशन से सोमवार को मिग-21 लड़ाकू विमान में उडान भर कर करगिल शहीदों को याद करने वाले वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने आज उत्तर प्रदेश के सरसावा वायु सैनिक अड्डे से एमआई -17 हेलिकॉप्टर में उडान भर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
वायु सेना के प्रवक्ता ने बताया कि 28 मई 1999 को करगिल लड़ई के दौरान मिशन में शामिल एक एमआई-17 हेलिकॉप्टर गिर गया था और उसमें सवार स्क्वाड्रन लीडर आर पुंधीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलान, सार्जेन्ट आर के साहु और सार्जेन्ट पी वी एनआर प्रसाद शहीद हो गये थे। इस हेलिकॉप्टर ने सरसावा से ही उडान भरी थी।
इन शहीदों को याद करने के लिए वायु सेना प्रमुख सरसावा वायु सैनिक अड्डे पर पहुंचे और ‘मिसिंग मेन’ फार्मेशन में हेलिकॉप्टर में उडान भर कर ऑपरेशन सफेद सागर के शहीदों को याद किया। वायु सेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख एयर मार्शल रघुनाथ नामबियार और सेना की 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी भी सरसावा पहुंचे।
‘ मिसिंग मेन’ फार्मेशन में शहीद सैनिक को हवाई सलामी दी जाती है। इस फार्मेशन में दो विमानों के बीच अंतर रखा जाता है जो सैनिक के लापता होने का प्रतीक है। बाद में वायु सेना प्रमुख ने युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इससे पहले वायु सेना प्रमुख ने सोमवार को मिग-21 लड़कू विमान को ‘मिसिंग मेन ’ फार्मेशन में उडाकर करगिल के शहीदों को गौरवमयी श्रद्धांजलि दी थी।
ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ सीमा पार से आकर करगिल की चोटियों पर कब्जा करने वाले घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए चलाया गया था। इस आपरेशन के दौरान वायु सेना प्रमुख धनोआ वायु सेना के 17 वें स्कवाड्रन के प्रमुख थे। एयर मार्शल नामबियार ने भी मिराज -2000 विमानों से इस आपरेशन में हिस्सा लिया था। लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने तोलोलिंग चोटी पर प्वाइंट 5140 पर कब्जा करने के लिए चलायें गये आपरेशन की अगुवाई की थी।


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