जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील भद्रवाह घाटी में गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत होने की घटना की शुक्रवार को निंदा की और पुलिस तथा प्रशासन को दोषियों को न्याय के दायरे में लाने का निर्देश दिया। घाटी में यह घटना बृहस्पतिवार तड़के हुई थी, जिसके बाद हिंसक प्रदर्शन हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के सदस्यों ने पुलिस थाना पर हमला कर दिया और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। राजभवन के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि मलिक ने इस घटना में एक व्यक्ति के मारे जाने की निंदा की और लोगों से कानून को अपने हाथ में नहीं लेने तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया। इस बीच, डोडा जिला प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि ‘‘गोरक्षा’’ इस हत्या की वजह थी और कहा कि कुछ लोग इस घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल ने शुक्रवार को शहर के प्रमुख नेताओं से प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए पुलिस और प्रशासन की मदद करने कहा। उन्होंने बताया कि मलिक ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दोषियों को सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाए। हत्या के संबंध में अभी तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच चल रही है। वहीं, डोडा जिले की भद्रवाह घाटी में लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू लगा रहा और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। शहर में सेना तैनात की गई है। इसके अलावा कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।


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