भद्रवाह/जम्मू : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के थाथरी कस्बे में आज सुबह बादल फटने से आई आकस्मिक बाढ़ में बटोटे-किश्तवार राष्ट्रीय राजमार्ग से लगने वाले कई इलाके डूब गए। बाढ़ के कारण आधा दर्जन घर बह गए। इसमें छह लोगों की मौत हो गई जबकि 11 लोग घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि मलबे में से 11 लोगों को निकाल लिया गया जबकि अभी कई के इसमें फंसे होने की आशंका है जिसके चलते मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। मरने वालों में से चार एक ही परिवार से हैं। बादल फटने से छह घर, दो दुकानें और एक स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ”कल देर रात दो बजकर बीस मिनट पर थाथरी कस्बे में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई जिसके चलते कस्बे के निकट जमाई मस्जिद इलाके में बहने वाले ‘नाले’ का जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया।” डोडा के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) इफ्तखार अहमद ने कहा कि बादल फटने के बाद नाले में पानी का स्तर और गाद अचानक बढ़ गया। इससे मुख्य बाजार की ओर इसके रास्ते में आने वाले कई ढांचे बह गए।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अब तक पांच महिलाओं समेत छह लोगों की मौत हो गई है, मलबे से उनके शव निकाले जा चुके हैं। 11 लोग घायल हैं और उन्हें भी मलबे से निकाल लिया गया है। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।” पुलिस ने बताया कि नगानी गांव के देवराज की 40 वर्षीय पत्नी नारू देवी, बेटियों सपना देवी (14), प्रिया (7) और बेटे राहुल (9) के शव निकाल लिए गए हैं। उनके अलावा मरने वाले दो अन्य लोगों की पहचान बालग्रान की रहने वाली 45 वर्षीय पतना देवी और 15 वर्षीय श्रिष्ठा देवी के रूप में की गई।
प्रवक्ता ने बताया कि घायलों को थाथरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया है। अहमद ने कहा कि मलबे में अब भी लोग दबे हुए हैं, ऐसे में मृतकों का आंकड़ा बढऩे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ”बचाव अभियान अभी चल ही रहा है ऐसे में बीच में हम जान-माल के नुकसान का आकलन नहीं कर सकते। हम मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ” पूरे जिला प्रशासन ने पुलिस और सेना के साथ मिलकर युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है।” बटोटे-डोडा-किश्तवार राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया है। इलाके में जल आपूर्ति और बिजली आपूर्ति भी कटी हुई है।


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