JPSC Recruitment Scam : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई धांधली के मामले में CID ने अपनी जांच तेज कर दी है। शनिवार को एजेंसी ने दो और आरोपियों को दबोच लिया, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।
घोटाले के मुख्य सरगना अभय तिवारी ने अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने और फर्जीवाड़े का नेटवर्क चलाने के लिए रांची में एक पूरा होटल ही लीज पर ले रखा था। सीआईडी की टीमें अब उस होटल के पुराने रिकॉर्ड्स खंगाल रही हैं, ताकि इस धांधली से जुड़े बाकी चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
JPSC कर्मचारी भी शामिल
सीआईडी ने शनिवार को जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक जेपीएससी का कर्मचारी सोनू कुमार है, जबकि दूसरा मुख्य आरोपी अभय तिवारी का करीबी सहयोगी अरविंद कुमार बताया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को भी रांची के दो होटलों में पुलिस की मदद से रेड मारकर तीन लोगों को दबोचा गया था। वहीं बुधवार को जेपीएससी के एक सीनियर अफसर समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, अभय तिवारी ने साल 2021 में रांची के स्टेशन रोड पर स्थित एक होटल को 11 महीने की लीज पर लिया था। सीआईडी को शुरुआती जांच में पता चला है कि इस होटल का इस्तेमाल अभ्यर्थियों से सेटिंग करने, सीक्रेट मीटिंग्स और पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करने के लिए किया जाता था। एजेंसी अब यह डेटा निकाल रही है कि उस दौरान उस होटल में कौन-कौन ठहरने आया था।
अधिकारी बनने तक का खेल
मुख्य आरोपी अभय तिवारी पहले परीक्षाएं आयोजित कराने वाली प्राइवेट एजेंसी ‘टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग’ में मार्केटिंग मैनेजर था। आरोप है कि उस पद पर रहते हुए उसने OMR शीट्स में जमकर हेराफेरी की और पैसों के दम पर सेलेक्शन प्रोसेस को प्रभावित किया। बाद में उसने खुद भी सेटिंग के जरिए जेपीएससी क्लियर कर लिया और वर्तमान में गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (BSO) के पद पर तैनात था।
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