Study Routine for Kids: पढ़ाई में नहीं लगता बच्चे का मन? डांटने के बजाय अपनाएं ये 4 आसान टिप्स, खेल-खेल में सब Syllabus होगा पूरा

Summary :

बच्चों पर पढ़ाई का दबाव डालने या डांटने की बजाय, घर में ऐसा माहौल बनाएं जिससे बच्चे खुद पढ़ने के लिए प्रेरित हों। प्यार और समझदारी से काम लें। बच्चों के पढ़ने के लिए एक निश्चित समय और शांत जगह तय करें। इससे उनका दिमाग पढ़ाई के लिए तैयार होता है और यह एक अच्छी आदत बन जाती है।

Study Routine for Kids: बहुत से पेरेंट्स परेशान रहते हैं कि उनका बच्चे का ध्यान पढ़ाई में नहीं लगाता। ऐसे में वे बच्चों पर जबरदस्ती दबाव डालने लगते हैं। लेकिन, बच्चों को डांटना या उन पर सख्ती करना सही नहीं है। इसके बजाय, घर में ऐसा अच्छा माहौल बनाएं जिससे बच्चे का खुद पढ़ने का मन करे। घर का माहौल बच्चे की पढ़ाई पर बहुत असर डालता है। अगर आप प्यार से समझाएंगे, तो बच्चे को पढ़ाई बोझ नहीं लगेगी। यहां पर कुछ आसान टिप्स दिए गए हैं, जो आपकी मदद कर सकते हैं।

4 तरीकों से आसान बनाएं बच्चों का स्टडी रूटीन (Tips for Teaching Children)

Study Routine for Kids
Study Routine for Kids (Magnific)

1. पढ़ाई के लिए टाइम और जगह फिक्स करें

बच्चों को पढ़ाने के लिए एक रूटीन बनाना बहुत जरूरी है। पढ़ने की जगह और टाइम तय कर दें। जब बच्चा रोज एक ही समय और एक ही जगह पर पढ़ता है, तो उसका दिमाग पढ़ाई के लिए अपने आप तैयार हो जाता है। बाद में ये उसकी अच्छी आदत बन जाती है। ध्यान रखें कि पढ़ने की जगह शांत हो, ताकि बच्चे का ध्यान इधर-उधर न भटके।

2. बीच-बीच में ब्रेक दें

बच्चों को बहुत देर तक लगातार पढ़ने को न कहें। छोटे बच्चे जल्दी थक जाते हैं और उनका मन पढ़ाई से उबने लगता है। इसलिए, बच्चे को 20 मिनट तक मन लगाकर पढ़ाएं और फिर 5 मिनट का ब्रेक दें। इस छोटे से ब्रेक से बच्चा फ्रेश महसूस करता है। लगातार बिठाए रखने से बच्चा सिर्फ किताब लेकर बैठा रहता है, लेकिन उसके दिमाग में कुछ नहीं जाता है।

3. मजेदार तरीके से सिखाएं

Study Routine for Kids
Study Routine for Kids (Magnific)
अगर बच्चे को कोई बात समझ नहीं आ रही है, तो उस पर ना तो चिल्लाएं ना ही गुस्सा करें। हर बच्चा अलग होता है; कुछ जल्दी सीखते हैं तो कुछ थोड़ा समय लेते हैं। आप उन्हें कहानी, ड्राइंग या आस-पास की चीजों के उदाहरण देकर पढ़ा सकते हैं। खेल-खेल में मजेदार तरीके से पढ़ाने पर बच्चे का पढ़ाई में इंटरेस्ट बढ़ता है। इससे बच्चा बिना डरे खुशी-खुशी नई चीजें सीखता है।

4. बच्चों की तारीफ करें

जब बच्चा पढ़ाई में थोड़ा भी अच्छा करे या अपना काम समय पर पूरा कर ले, तो उसकी तारीफ करें। जब वह कोई काम पूरा कर ले, तो उसे शाबाशी दें। ऐसा करने से बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ता है और उसका मन पढ़ाई में लगने लगता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।