भोपाल में किसानों का आंदोलन, CM आवास मार्च पर अड़े प्रदर्शनकारी, जानें क्या हैं इनकी मुख्य मांगे

Summary :

भोपाल में नीट पेपर लीक प्रदर्शन शांत होने के बाद अब किसानों का एक बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। नर्मदापुरम से पैदल मार्च करते हुए किसान भोपाल पहुंच गए हैं और उन्होंने सावरकर सेतु के पास डेरा डाल लिया है, वे मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं।

नीट पेपर लीक का प्रदर्शन शांत ही हुआ था कि भोपाल में किसानों का आंदोलन शुरू हो गया। नर्मदापुरम से पैदल मार्च करते हुए किसान भोपाल पहुंच चुके हैं और उन्होंने सावरकर सेतु के पास डेरा डाल लिया है। किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं। किसान आंदोलन की वजह से कई रास्तों पर भारी जाम लगा हुआ है। भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नर्मदापुरम रोड और आसपास के इलाकों के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। आइए जानते हैं कि किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं और उनकी मांगे क्या हैं।

कृषि मंत्री और किसानों की बातचीत रही बेनतीजा

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार देर रात कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसानों से बातचीत की और उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन ये बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद अब किसान मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी में हैं। रात पर धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह धरना करेंगे।

CM आवास तक मार्च करेंगे किसान

किसानों ने सीएम आवास तक मार्च करने का ऐलान किया है। पुलिस प्रशासन ने धरने को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है और कई जगह बैरिकेडिंग की गई है। प्रदर्शनकारी अपने साथ कई दिनों का राशन और जरुरी सामान लाए हैं, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान पूरी तैयारी के साथ आए हैं।

किसानों की प्रमुख मांगे क्या हैं?

  • मूंग की फसल की 100% सरकारी खरीद की जाए।
  • खाद वितरण में ‘ई-टोकन’ व्यवस्था को पूरी तरह खत्म किया जाए।
  • अघोषित बिजली कटौती बंद की जाए।
  • भावांतर योजना को समाप्त किया जाए।

बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े किसान

Bhopal Farmers Protest
Bhopal Farmers Protest (Image- Social Media)

मंगलवार रात को किसान भोपाल के बहरी इलाकों तक पहुंच गए, यहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग भी की, लेकिन प्रदर्शनकारी किसान इसको भी पार करते हुए आगे बढ़ गए। राजधानी में किसानों का यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार के लिए इस साल की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौतियों में से एक बनता जा रहा है।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।