Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Mohan Yadav) ने धार में आयोजित राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य “सरस्वती लोक” का निर्माण करेगी। इसके साथ ही यहां राजा भोज शोध संस्थान भी स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला को लेकर जो आदेश दिया गया है, उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा।
Madhya Pradesh News: भोजशाला को फिर मिलेगा पुराना गौरव

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज द्वारा स्थापित भोजशाला कभी संस्कृत, ज्ञान, विज्ञान और शोध का बड़ा केंद्र हुआ करती थी। देश के अलग-अलग हिस्सों से विद्यार्थी और विद्वान यहां अध्ययन और शास्त्रों पर चर्चा करने आते थे। सरकार अब भोजशाला की उसी ऐतिहासिक पहचान को फिर से जीवित करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि धार की यह धरती भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
धार में विकास कार्यों को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार और उसके आसपास के क्षेत्रों में पुरातत्व विभाग के सहयोग से विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि धार को नई पहचान मिल सके।
जल संरक्षण में राजा भोज की दूरदर्शिता

मुख्यमंत्री ने राजा भोज को जल संरक्षण का अग्रदूत बताया। उन्होंने कहा कि राजा भोज द्वारा बनाए गए तालाब और जल प्रबंधन व्यवस्था आज भी उनकी दूरदर्शी सोच का उदाहरण हैं। धार को कभी तालाबों की नगरी कहा जाता था। यहां लगभग साढ़े 12 तालाब बनाए गए थे, जिन्हें इस तरह जोड़ा गया था कि एक तालाब का अतिरिक्त पानी दूसरे तालाब में पहुंच जाता था। यह व्यवस्था उस समय की उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली को दर्शाती है।
जल गंगा संवर्धन अभियान पर जोर
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेश में जल संरक्षण की नई दिशा तय करेगा। उन्होंने बताया कि धार जिला इस अभियान के बेहतर क्रियान्वयन में प्रदेश में छठवें स्थान पर है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण से जुड़े पांच हजार से अधिक कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
इसके अलावा धार नगर पालिका क्षेत्र में 64 प्राचीन बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण और जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सवित्री ठाकुर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक नीना विक्रम वर्मा और कालू सिंह ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।























